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होम आइसोलेशन में रहना है तो खर्च होंगे पांच से सात हजार

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expence five to seven thausend in home isolation
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झांसी। होम आइसोलेशन के लिए मंजूरी मिलने के बाद एक तरफ जहां कोरोना मरीजों को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ किट खरीदने में दस हजार तक का खर्चा आने से जेब पर बोझ पड़ने से समस्या खड़ी हो गई है। अच्छी गुणवत्ता वाले उपकरण खरीदने पर पांच से सात हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है। कोरोना के दौर में पहले लॉकडाउन और अब काम-धंधा सुस्त होने से किट खरीदना हर किसी के बस में नहीं है।
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बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को हाल ही में प्रदेश सरकार ने होम आइसोलेशन में रहने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, होम आइसोलेशन होने से पहले मेडिकल किट मरीजों को खुद ही खरीदनी होगी। किट में दवाओं सहित सभी जरूरी उपकरण होंगे। किट की कीमत लगभग आठ से दस हजार रुपये बताई जा रही है। किट पर आने वाला खर्च मरीज या उनके परिजन के सदस्यों को खुद ही वहन करना होगा। किट में पल्स ऑक्सीमीटर, सैनिटाइज करने वाले रसायन, मास्क, सोडियम हाईपोक्लोराइड द्रव्य, ग्लव्स, बुखार मापने के लिए थर्मामीटर या थर्मल एनालाइजर, खांसी, जुकाम, बुखार की दवाएं आदि सामान होगा। जरूरत पड़ने पर ब्लड प्रेशर मापने की मशीन खरीदी जा सकती है। इस सामान की खरीद पर लगभग पांच से आठ हजार रुपये तक का खर्चा आएगा। ऐसे में निम्न और मध्यम वर्ग के परिवार के लिए किट खरीदना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
ये है कीमत
उपकरण मूल्य
पल्स ऑक्सीमीटर 2000-2500
बीपी मशीन 1500-2000
थर्मल एनालाइजर 1500-3000
खांसी, जुकाम, बुखार की दवा 1000-1200
मास्क, ग्लव्स 200
बीपी मशीन खरीदना अनिवार्य नहीं है। सिर्फ वो ही यह मशीन लें, जिन्हें बीपी की समस्या है। इसके अलावा थर्मल एनालाइजर की जगह थर्मामीटर खरीद सकते हैं, वो सौ से डेढ़ सौ रुपये में आसानी से मिल जाएगा। वहीं, अन्य उपकरणों के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा करेंगे कि कैसे रियायती दरों पर अन्य वस्तुएं मरीजों को उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
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- डॉ. जगदीश गुप्ता, अपर निदेषक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण।
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