- संख्या बल के आधार पर विपक्ष एक सदस्य को जिताने में हो सकता है कामयाब
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी का जल्द चुनाव होना है। इसमें छह नए कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने हैं। अगर चुनाव होता है तो भाजपा के सामने छठवां सदस्य जिताने की चुनौती होगी। अगर क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो संख्या बल के आधार पर भाजपा पांच और विपक्ष एक सदस्य आसानी से जिता सकता है।
निकाय चुनाव के बाद नगर निगम की पहली कार्यकारिणी का गठन 15 जून 2023 को हुआ था। कार्यकारिणी में 12 सदस्य हैं। नियमानुसार कार्यकारिणी का एक साल पूरा होने पर सभी 12 सदस्यों की पर्ची डाली जाती है। लॉटरी के जरिये जिन छह कार्यकारिणी सदस्यों के नाम निकलते हैं, उनको सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। फिर नए छह सदस्यों के चयन के लिए चुनाव होता है। कई बार सदस्य निर्विरोध चुन लिए जाते हैं तो कई बार वोट भी डाले जाते हैं। इस बार दो-तीन दिन में कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर लॉटरी पद्धति से पर्ची निकाले जाने की संभावना है।
नगर निगम सदन के आंकड़े देखें तो भाजपा के पास दो तिहाई पार्षदों का बहुमत है। 60 पार्षदों में से 45 पार्षद भाजपा के हैं। इसके अलावा सांसद, मेयर, विधायक और तीन एमएलसी को मिलाकर सदन में भाजपा के कुल 51 वोटर हो जाते हैं। जबकि, एक कार्यकारिणी सदस्य को जिताने में करीब 10 वोट की जरूरत होती है। ऐसे में भाजपा के पास पांच सदस्यों को जिताने के लिए बहुमत है। अब छठवां सदस्य जिताने की भाजपा के सामने चुनौती होगी। वहीं, क्रॉस वोटिंग नहीं हुई तो विपक्ष एक सदस्य जिताने में कामयाब हो जाएगा।
विपक्ष में सेंधमारी की कोशिश में भाजपा
छठवां सदस्य जिताने के लिए भाजपा विपक्ष और निर्दलीय पार्षदों में सेंधमारी करने में जुटी है। हालांकि, बीजेपी को छठवां सदस्य जिताने के लिए कम से कम नौ वोटों की और जरूरत पड़ेगी।
वर्जन..
14 जून को कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। फिर नियमानुसार बैठक बुलाकर लॉटरी पद्धति से छह सदस्यों को सेवानिवृत्त किया जाएगा। इसके बाद चुनाव कराया जाएगा। - बिहारी लाल आर्य, मेयर।