- जमरार बांध से छोड़ा गया 0.72 एमसीएम पानी, आज पहुंचेगा टीकमगढ़
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 19 दिन लंबे इंतजार के बाद बुधवार रात जमरार बांध के गेट खोलने की इजाजत दे दी गई। रात करीब दस बजे बांध के पांच गेट खोलकर 0.72 एमसीएम पानी छोड़ा गया। सिंचाई अफसरों का कहना है कि बृहस्पतिवार सुबह पानी टीकमगढ़ तक पहुंच जाएगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद बांध के गेट खोलने पर निर्णय हुआ। सिंचाई अफसरों के मुताबिक यह पानी एक माह तक टीकमगढ़ वासियों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त रहेगा।
जामनी नदी पर स्थित जमरार बांध से मध्य प्रदेश के कुंडेश्वरनगर के पास वरीघाट में पानी पहुंचता है। इससे टीकमगढ़ नगर पालिका को पीने का पानी मिलता है। इस दफा मई माह में टीकमगढ़ में जलस्तर कम हो गया था। इसके चलते पिछले एक माह से टीकमगढ़ में जबरदस्त पेयजल संकट है। हालात यह हैं तीन दिन में सिर्फ एक दिन पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में टीकमगढ़ कलेक्टर ने 24 मई को जामनी बांध से पानी छोड़ने की मांग की, लेकिन जामनी बांध का जलस्तर कम होने से पानी नहीं दिया गया। इसके बाद जमरार बांध से पानी की मांग की गई।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेश मिश्र ने दो राज्यों के बीच का मामला होने से पूरा मामला शासन को भेज दिया। इसके बाद से फाइल शासन में ही अटकी रही। इधर, पेयजल संकट बढ़ने पर मप्र मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उप्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पानी की मांग की। इसके बाद शासन स्तर पर फाइल दौड़ी। बुधवार शाम सिंचाई अफसरों को पानी छोड़ने के निर्देश दिए गए। बुधवार रात करीब दस बजे जमरार बांध के पांच गेट खोले गए। सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक जामनी नदी के जरिये पानी वरीघाट तक जाएगा। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक यह पानी टीकमगढ़ पहुंच जाएगा। इससे एक महीने तक जलापूर्ति की जा सकेगी।
शासन की मंजूरी के बाद बुधवार रात को ही जमरार बांध के गेट खोल दिए गए। जितना पानी दिया जा रहा है, उससे टीकमगढ़ पालिका की करीब एक माह की जलापूर्ति की मांग पूरी हो सकेगी।
शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग