16 फरवरी से शुरू होने वाली उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं को संपन्न कराने को लेकर डीएम ने अधिकारियों के साथ विकास भवन में बैठक की। डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि नकल विहीन परीक्षा में लापरवाही करने वाले कक्ष निरीक्षक और अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। बोर्ड परीक्षा में बाधा डालने वाले अराजक तत्वों से कड़ाई से निपटा जाएगा।
जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों के साथ हुई बैठक में डीएम ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। छोटी सी छोटी घटना पर भी कार्रवाई होगी। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में 24 घंटे सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहेगा। नकल विहीन परीक्षा में किसी भी गलती के लिए केंद्र व्यवस्थापक जिम्मेदार होंगे। सभी सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्र के केंद्रों का भ्रमण करके मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन कर लें। यदि किसी भी केंद्र पर कमी है तो उसे पूर्ण कर लिया जाए।
हर केंद्र में सीसीटीवी कैमरा, प्रकाश, पंखा, महिला व पुरुष के लिए अलग शौचालय होना चाहिए। पेपर खोलते समय यह अवश्य चेक कर लें कि जिस विषय की परीक्षा है उसी विषय का पेपर है या नहीं। उत्तर पुस्तिकाओं में भरने के लिए अनुक्रमांक, पंजीकरण आदि कक्ष निरीक्षक भलीभांति जानकर हस्ताक्षर करें। परीक्षा केंद्र के 500 मीटर तक कोई फोटो कॉपी, स्कैनर आदि की कोई दुकान खुली न रहे। परीक्षा में मोबाइल, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रानिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बैठक में डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि जनपद में 49347 छात्र-छात्राएं 10वीं, 12वीं की परीक्षा में भाग ले रहे हैं। जनपद में 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए। 16 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाएं चार मार्च को समाप्त होंगी। इस दौरान एसएसपी राजेश एस, सीडीओ जुनैद अहमद, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय मौजूद रहे।