महानगर के अगला मेयर और साठ पार्षद चुनने के लिए 1,212 ईवीएम मशीनें लगाई जाएंगी। इसमें से दस प्रतिशत मशीनें रिजर्व रहेंगी। प्रत्येक बूथ पर पीठासीन अधिकारी के साथ पांच मतदान कर्मचारी लगाए जाएंगे। कुल 1,666 कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी, जिन्हें 16 और 17 नवंबर को महारानी लक्ष्मी व्यायाम मंदिर इंटर कॉलेज में दो पालियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहली बार ईवीएम से हो रहे नगर निगम के चुनाव में महापौर के लिए 20 प्रत्याशी और पार्षद पद के लिए 453 उम्मीदवार मैदान में हैं।
चुनाव के लिए कर्मचारियों को ड्यूटी पत्र दे दिए गए हैं। अब उन्हें दो दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को होने वाला प्रशिक्षण सुबह नौ बजे से 12 बजे तक तथा दूसरी पाली में दिन में एक बजे से चार बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। मतदान कर्मचारियों को ईवीएम का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। दोनों पालियों में 833 पीठासीन अधिकारी निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण पूरा कराएंगे। इसी तरह शुक्रवार को 833 मतदान कार्मिकों को दो पालियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों को ड्यूटी पत्र प्राप्त नहीं हुए थे, उन्होंने विकास भवन स्थित डीआरडीए कार्यालय से ड्यूटी पत्र प्राप्त कर लिए।
नगर निगम में बीस प्रत्याशी होने के कारण दो ईवीएम लगाई जानी हैं। ईवीएम पर एक पीठासीन अधिकारी और पांच कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। लेकिन अन्य नगर निकायों में बैलेट पेपर से चुनाव होगा, इसलिए वहां पर एक पीठासीन अधिकारी व तीन मतदान कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी।
33 प्रतिशत महिला कर्मचारी
निकाय चुनाव में 33 प्रतिशत महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। महिला कर्मचारी अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए सक्रिय हो गई हैं। कोई परिवार में शादी तो कोई बच्चे छोटे होने की वजह से चुनाव ड्यूटी में परेशानी की बात बता रही हैं।
अब रेंडमाइजेशन होगा
किस कर्मचारी की चुनाव में ड्यूटी लगेगी और किसकी नहीं, यह बताने वाला कोई नहीं है। साफ्टवेयर के माध्यम से ही कर्मचारियों को पता चल पाता है कि कहां ड्यूटी लगी है। इसलिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से रेंडमाइजेशन (डयूटी में उलटफेर) के बाद ही तय होगा कि कौन चुनाव ड्यूटी करेगा और कौन नहीं। निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि महिला कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी न लगाई जाए, लेकिन, महिलाओं को ड्यूटी पत्र दिए जा चुके हैं। अब महिला कर्मचारियों को रेंडमाइजेशन के बाद ही ड्यूटी कटने की उम्मीद है।