फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना को हराने को हर मोर्चे पर डटी हैं नारी शक्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए महिला शक्ति भी बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रही हैं। देश और लोग सुरक्षित रहें, इसके लिए महिलाएं अपने कर्तव्य को पूरा करने में पीछे नहीं हैं। उन्हें खुद पर गर्व है कि मुश्किल दौर में उन्हें देश की सेवा करने का मौका मिला है। लॉकडाउन में बिना मास्क लगाकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को वे सलाह देती हैं, तो गरीबों की मदद के लिए हमेशा तैयार हैं। ड्यूटी के घंटे बढ़ गए हैं, लेकिन इसका उन्हें कोई मलाल नहीं है। परिवार के लोग भी अपनी बेटियों को कोरोना की जंग में सुरक्षित रहकर देश की मदद करने का पूरा हौसला दे रहे हैं।
विज्ञापन

देश में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन किया गया है। इस मुश्किल वक्त में देश के लिए जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स और पुलिसकर्मी बिना किसी डर के ड्यूटी को अंजाम दे रही हैं। इस वक्त 12 घंटे की ड्यूटी करते समय उनको बिल्कुल भी यह नहीं लगता कि काम का बोझ बढ़ गया है। बल्कि वे देश के लिए अपने काम को पूरे मन से अंजाम दे रही हैं।
गर्व है कि इस जंग में सहभागी हैं हम
जिला अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी प्रियंका को खुद पर गर्व है। परिवार को समय कम दे पा रही हैं। पूरे दिन जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के लिए प्रेरित करती हैं। भीड़ न लगे इसके लिए एक-एक मीटर की दूरी रखकर लाइन लगवाती हैं। प्रियंका कहती हैं कि देश बड़े संकट से जूझ रहा है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि लोगों को सुरक्षित रखा जाए।
विज्ञापन

परिवार के लोग दे रहे साथ
महिला पुलिसकर्मी कुमकुम यादव भी कोरोना से जंग में पूरी शिद्दत के साथ अपना योगदान दे रही हैं। पूरे दिन अस्पताल में ड्यूटी करती हैं, तो खुद को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। परिवार के लोग भी कुमकुम का हौसला बढ़ाते हैं। समय-समय पर मास्क और सैनिटाइजर का पूरा प्रयोग करने के साथ लोगों को भी सलाह देती हैं। उनका कहना है कि परिवार को गर्व है कि मैं इस वैश्विक संकट में अपना योगदान दे रही हूं।
--------
गरीबों की मदद करती हैं अनुपमा
एक और महिला पुलिसकर्मी अनुपमा त्रिपाठी भी पूरी मुस्तैदी से लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ड्यूटी के दौरान वे गरीबों की मदद करती हैं। सड़क पर भटक रहे बेसहारों को वे शेल्टर होम और उनके घरों तक पहुंचाती हैं। वे कहती हैं कि कोरोना को हराने के लिए सबको सहयोग करने की जरूरत है। लोगों को भी लॉकडाउन की जरू रत के बारे में समझाते हैं।
-----------
ताकि बच्चों को न छू सके कोरोना
जिला अस्पताल में बच्चा वार्ड में तैनात आया फरजाना भी बच्चों को कोरोना से बचाने की पहल कर रही हैं। वे बच्चों की पूरी देखभाल करती हैं। उनका कहना है कि वार्ड में बच्चे को भर्ती किए जाते हैं। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसके लिए कई बार वार्ड को सैनिटाइज कराते हैं। उनका कहना है कि कोरोना से जंग में मदद करने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। सबको प्रेरित भी कर रहे हैं।
----------
लोगों को घर तक पहुंचा रहीं संजना
जिले में तैनात आशा ज्योति प्रभारी संजना सिंह भी पूरे दमखम के साथ कोरोना संकट से निपटने में जुटी हैं। वे कहती हैं कि लोगों को घर तक पहुंचाते हैं। पूरे दिन ड्यूटी करते हैं। महामारी को दूर करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमसे जो भी कुछ हो सकता है, वह करेंगे।
---------
लोगों की सेहत का रख रहीं ख्याल
नवाबाद थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मी शशि सिंह भी गरीबों की मदद के साथ लोगों को सेहत का मंत्र दे रही हैं। वे सड़क पर बेवजह घूमने वालों को रोककर लॉकडाउन का पालन करने की नसीहत देती हैं। उनका कहना है कि कोरोना को भगाना ही सबका लक्ष्य होना चाहिए। लोगों को इसमें मदद करने की जरूरत है।
--------
आइसोलेशन वार्ड की करती हैं देखरेख
जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में तैनात मैट्रन ए प्रसाद भी मरीजों की मदद में जुटी हैं। कोरोना संदिग्ध पहुंचने पर वे आइसोलेशन के दौरान देखरेख करती हैं। संदिग्ध मरीजों को कोरोना के खौफ से बाहर लाने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि आइसोलेशन वार्ड में मरीजों को सेहत दुरुस्त रखने के बारे में बताते हैं।
----------
बिना डरे करती हैं मरीजों की सेवा
मेडिकल कॉलेज में तैनात नर्स रूचि श्रीवास्तव भी बिना डरे मरीजों की सेवा कर रही हैं। ड्यूटी के घंटे बढ़ने से वे घर को समय नहीं दे पा रही हैं। ड्यूटी के समय सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखती हैं। साथ ही मरीजों को भी सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में बताती हैं। उनका कहना है कि महामारी को दूर करने में हम सहभागी हैं। इसलिए खुद पर गर्व है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें