झांसी। ठंड से बचाव के लिए इन दिनों घरों में लोग हीटर और ब्लोअर जला रहे हैं। लंबे समय तक इनके सामने बैठने से लोगों की आंखों का पानी सूख रहा है। ड्राई आई होने की वजह से आंखों में जलन और चुभन की समस्या लेकर मरीज डॉक्टर को दिखाने पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी में हर तीसरा मरीज ड्राई आई का ही आ रहा है।
झांसी में न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। बीच-बीच में पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाएं गलन बढ़ा देती हैं। सोमवार को छोड़ दें तो पिछले आठ दिनों से लोग गुनगुनी धूप तक को तरस गए। ठंड से बचाव के लिए लोग घरों में हीटर और ब्लोअर चला रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शमी ने बताया कि ठंड ज्यादा पड़ने से वातावरण में नमी कम हो जाती है। ऐसे में त्वचा के साथ-साथ आंखों का पानी भी सूखता है। आंख ड्राई होती हैं तो आंखों में जलन, चुभन के साथ-साथ टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल फोन आदि देखने में परेशानी होती है। ये समस्या होने पर लुब्रिकेंट ड्रॉप डालने की सलाह दी जाती है। साथ ही पलकों को बीच-बीच में झपकते रहना चाहिए। ताकि, आंखों में नमी बनी रहे। उन्होंने बताया कि इन दिनों हर तीसरा मरीज ड्राई आई की समस्या के साथ दिखाने आ रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि ठंड में ड्राई आई के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। हीटर या ब्लोअर चलाकर सोना नहीं चाहिए। कुछ ही देर इन्हें चलाना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
- हीटर, ब्लोअर का उपयोग करते समय बगल में पानी रखें। पानी वाष्पीकृत होने से कमरे में नमी बनी रहेगी।
- मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटाॅप आदि पर काम करते समय एक मिनट में पांच से दस बार पलक झपकाएं।
- कुछ देर बाद हीटर, ब्लोअर चलाकर बंद कर दें।