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Jhansi News: सालभर बाद भी फोरम का नहीं हो सका गठन, भटक रहे उपभोक्ता

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- झांसी में मुख्य अभियंता व ग्रामीण अधीक्षण अभियंता स्तर पर ही गठित हो सकीं व्यथा निवारण फोरम
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- आवेदकों के न मिलने से परेशानी, बिजली उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा नियामक आयोग की योजना का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के निदान के लिए नियामक आयोग ने मुख्य अभियंता से लेकर उप खंड अधिकारी स्तर पर व्यथा निवारण फोरम के गठन के निर्देश दिए थे। लेकिन, सालभर बाद भी मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता ग्रामीण के यहां ही फोरम गठित की गई, शेष जगह आवेदक न मिलने से इसका गठन नहीं हो सका।
विभाग में उपभोक्ताओं के साथ शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कार्यालय के साथ ऑनलाइन हर माह शिकायतें आती हैं। इनका निस्तारण न होने पर उपभोक्ताओं को भटकना पड़ता है। इन समस्याओं के निदान के लिए व्यथा निवारण फोरम के गठन के निर्देश दिए गए थे। झांसी में भी जोनल से लेकर सब डिवीजन स्तर पर फोरम गठित की जानी है, इसमें 5 सदस्य होंगे। फोरम का निर्णय उपभोक्ताओं के साथ विभाग के अधिकारियों को भी मानना होगा।
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अधीक्षण अभियंता चंद्रजीत प्रसाद का कहना है कि नियामक आयोग के निर्देश के बाद झांसी में अभी जोन और अधीक्षण अभियंता ग्रामीण स्तर पर गठन कर लिया गया है। अन्य स्तर पर आवेदन मांगे गए हैं। सदस्य चयनित होते ही इसका गठन कर दिया जाएगा।
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पांच स्तर पर गठन कर की जानी है सुनवाई
उप खंड स्तर :

-नए कनेक्शन, अतिरिक्त लोड, बकाया बिलों पर कनेक्शन काटे जाने और 50 हजार रुपये से कम के बिल के विवाद के मामले सुलझाए जाएंगे।
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खंड स्तर :
- मीटर रीडिंग, खराब व जले मीटरों को बदलना, एक मेगावाट तक एचटी लाइन के लिए कनेक्शन, अतिरिक्त लोड, बकाया होने पर कनेक्शन काटने व जोड़ने सहित 50 हजार से लेकर 5 लाख तक के बिजली संबंधी विवादों को सुलझाया जाएगा।

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अधीक्षण अभियंता स्तर :

अस्थायी विच्छेदन, पावर ट्रांसफार्मर बदलने, एक मेगावाट से अधिक एचटी लोड पर कनेक्शन देने, 5 से 15 लाख रुपये तक बिल व ब्याज आदि विवाद सुलझाए जाएंगे।
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मुख्य अभियंता स्तर :
15 लाख से एक करोड़ के बिलों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण, ब्याज आदि विवाद सुलझाए जाएंगे।
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कंपनी स्तर :

- एक करोड़ रुपये या इससे अधिक के बिल संबंधी शिकायतें, निचले स्तर की फोरम की अपील की सुनवाई।
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