संवाद न्यूज एजेंसी
दतिया। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो) की टीम ने न्यू कलक्ट्रेट में एक लिपिक को शिक्षक से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोपी मूलतः शिक्षक है और पिछले 10 साल से निर्वाचन कार्यालय में अटैच है। फरियादी भी शिक्षक है, कुछ समय से वह निलंबित चल रहा था। आरोपी ने उसकी बहाली आदेश की फाइल और उपस्थिति पत्रक तैयार कराने के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। शिक्षक पांच हजार रुपये पहले दे चुका था। शुक्रवार को बाकी 25 हजार रुपये देने के दौरान ईओडब्ल्यूडी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
ईओडब्ल्यू के डीएसपी दामोदर गुप्ता ने बताया कि माध्यमिक शिक्षक राकेश शिवहरे ने निर्वाचन कार्यालय में अटैच लिपिक आलोक उर्फ बृजभूषण खरे द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत गुरुवार को ग्वालियर ईओडब्ल्यू कार्यालय में की थी। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने राकेश को वॉइस रिकार्डर दिया। गुरुवार को ही राकेश ने शिक्षक आलोक खरे की रिश्वत मांगने की आवाज रिकॉर्ड कर ईओडब्ल्यू को दे दी। शुक्रवार को शिवहरे ने शिक्षक खरे से मोबाइल पर उसकी लोकेशन पूछी तो उसने न्यू कलक्ट्रेट परिसर में होना बताया। सुबह करीब 11 बजे फरियादी और ईओडब्ल्यू के अधिकारी वहां पहुंच गए। यहां आरोपी कैंटीन में बैठकर बीड़ी पी रहा था, तभी राकेश ने उसे 25 हजार रुपये दिए, जिन्हें उसने जेब में रख लिया। जैसे ही ईओडब्ल्यू अधिकारी उसके पकड़ने आगे बढ़े तो उसने रूपये जमीन में फेंक दिए। टीम ने उसे पकड़कर हाथ धुलवाए तो पानी का रंग गुलाबी हो गया।
मेरठ---एसएन फार्म हाउस 100 फुटा रोड मृतको के शवो को कबिस्तान ले जाते लोगस ------नीटू