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Jhansi News: फैला दिमागी बुखार, 15 मरीज भर्ती

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मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक और मेडिसिन वार्डों में रोगियों का चल रहा उपचार
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दिमागी बुखार (मेनिनजाइटिस) तेजी से पैर पसार रहा है। न सिर्फ बड़े बल्कि नौनिहाल भी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक और मेडिसिन विभाग में दिमागी बुखार के करीब 15 रोगियों का उपचार चल रहा है।
बाल रोग विभाग हो या मेडिसिन, दोनों की ओपीडी में डायरिया और बुखार के सर्वाधिक रोगी आ रहे हैं। कई रोगियों की हालत चिंताजनक होने पर उन्हें भर्ती किया जा रहा है। इमरजेंसी में भी बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अब दिमागी बुखार के रोगी भी आने शुरू हो गए हैं। कई बच्चों को चिंताजनक हालत में भर्ती कराया गया है। बड़ों को मेडिसिन व न्यूरोलाॅजी वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
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0- दिमागी बुखार के कारण
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंदेल तथा न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कनकने ने बताया कि दिमागी बुखार की वजह वायरल, बैक्टीरिया व फंगल संक्रमण है। इसमें न सिर्फ तेज बुखार आता है, बल्कि संक्रमण से दिमाग में सूजन आ जाती है। समय रहते उपचार कराने से रोगी जल्द स्वस्थ हो जाता है, अन्यथा हालत बिगड़ जाती है।

0- ये हैं लक्षण
बुखार आने के साथ सिर में तेज दर्द संग उल्टी होना। खास पहचान यह कि उल्टी दूर गिरना, गर्दन का अकड़ना, आंख से धुंधला या एक की जगह दो दिखाई देना, बेहोशी आना आदि है। यदि बुखार के दौरान रोगी में ऐसे लक्षण मिलें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

0- ये कहना है विभागाध्यक्षों का
1. दिमागी बुखार के रोगी आने लगे हैं। न्यूरोलॉजी विभाग में करीब सात रोगियों का भर्ती करके उपचार किया जा रहा है। इस बीमारी में दिमागी में सूजन आ जाती है। इसलिए बुखार आने पर तत्काल डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
डॉ. अरविंद कनकने, न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष

2. मेडिकल कॉलेज में रोजाना 50 से ज्यादा बुखार के रोगी आ रहे हैं, जिनमें से तीन-चार दिमागी बुखार के निकल रहे हैं। इन रोगियों का भर्ती करके उपचार किया जा रहा है। लक्षण के आधार पर अन्य रोगियों की जांच कराई है।
डॉ. कुलदीप चंदेले, मेडिसिन विभागाध्यक्ष

3. दिमागी बुखार की चपेट में आए बच्चों का इमरजेंसी और वार्ड में उपचार किया जा रहा है। बुखार आने के बाद बच्चे की उल्टी दूर गिरे या संतुलन बिगड़े तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं अन्यथा दिक्कत हो सकती है।
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डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष


डायरिया की वजह से भी भर्ती हो रहे लोग
झांसी। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन और बाल रोग विभाग में डायरिया के रोजाना औसतन 70 से 80 रोगी आ रहे हैं। कुछ रोगियों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंदेले तथा बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया का कहना है कि कितने डायरिया के रोगी आ रहे हैं, इसका सटीक आंकड़ा बताना मुश्किल है। लेकिन, इतना जरूर कह सकते हैं कि काफी संख्या में रोगी आ रहे हैं।
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