अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ट्रेन में भगदड़ से दो यात्रियों की मौत का मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। आरपीएफ की ओर से भी मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। लपेटे में महकमे के कई जिम्मेदार लोग भी आ सकते हैं।
शुक्रवार सुबह गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस झांसी से बीना के लिए रवाना हुई थी। ट्रेन के बीना से पहले करौंदा स्टेशन की ओर बढ़ने पर एक अवैध वेंडर जनरल कोच में चाय बेचने चढ़ गया था। उसके थर्मस खोलते ही पूरी चाय गोंडा निवासी विश्वनाथ, महाराजगंज पुणे निवासी मनीष और गोरखपुर निवासी दीपक पर गिर गई थी, जिससे तीनों बुरी तरह से झुलस गए थे। इससे कोच में अफरा-तफरी मच गई थी। इस बीच गेट पर बैठे यात्री जसवंत और ज्ञान सिंह चलती ट्रेन से गिर गए थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस घटना की गूंज शनिवार को रेलवे बोर्ड में भी सुनाई दी। बोर्ड ने मामले का संज्ञान में लिया। इसके अलावा आरपीएफ के महानिरीक्षक ने घटना की जांच शुरू करा दी है। जांच की जिम्मेदारी ग्वालियर के डिप्टी कमांडेंट को सौंपी गई है।
अब ली अवैध वेंडरों की सुध
झांसी का रेलवे स्टेशन हो या यहां से गुजरने वाली ट्रेनें, सभी जगह अवैध वेंडर धड़ल्ले से अपना कारोबार करते नजर आ जाते हैं। बीते रोज गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस में हुई घटना को भी अवैध वेडिंग का नतीजा माना जा रहा है। दो यात्रियों की जान जाने के बाद रेलवे ने अब अवैध वेंडरों की सुध ली है। शनिवार को अवैध वेंडरों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। अवैध वेंडर भी स्टेशन और ट्रेनों से दूरी बनाए रहे।
अवैध वेंडरों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। स्टेशन परिसर और ट्रेनों की सघन जांच की जा रही है। इसके अलावा घटना का मुकदमा बीना जीआरपी थाने में दर्ज किया गया है। - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी रेलवे