सरकार हॉटस्पॉट क्षेत्रों से लोगों के निकलने पर पाबंदी लगा रही है, लेकिन नगर निगम में हॉटस्पॉट क्षेत्र से बुलाकर कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है। इसे लेकर अन्य कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर दहशत बरकरार है। दरअसल, महानगर में सात इलाकों को कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इन इलाकों में किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। लेकिन नगर निगम अधिकारी हॉटस्पॉट क्षेत्र से कर्मचारियों को बुलाकर काम करा रहे हैं। बताया जाता है कि नगर निगम में हॉटस्पॉट इलाके के सात कर्मचारी ऐसे हैं, जो कार्यालय में कंप्यूटर आपरेटर और लिपिक समेत तमाम पदों पर तैनात हैं। इन कर्मचारियों ने पिछले दिनों अधिकारियों को पत्र लिखकर हॉटस्पॉट से आने में दिक्कत होने समस्या जाहिर की थी। लेकिन इसके बाद भी उनको कार्यालय से छुट्टी नहीं दी गई। इसे लेकर नगर निगम के विभागों में तैनात कर्मचारियों में दहशत का आलम है। कई कर्मचारियों ने भी नगर आयुक्त से हॉटस्पॉट में रहने वाले कर्मचारियों को नहीं बुलाने की मांग की थी। मगर कुछ नहीं हो सका। अब नगर निगम के कर्मचारियों में दहशत का आलम है। सूत्र बताते हैं कि एक कर्मचारी को कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर से आठ-दस मकान की दूरी पर रहता है। संक्रमण के डर को लेकर कर्मचारी कार्यालय में काम करने से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।