झांसी। मंडलायुक्त सुभाषचंद्र शर्मा और जनपद के नोडल अधिकारी रामयज्ञ मिश्रा ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई डॉक्टर अनुपस्थित मिले, तो कमरे में कर्मचारी सोते मिले। साफ-सफाई भी सही नहीं मिली और मेडिकल वेस्ट कमरों में पड़ा मिला। यही नहीं, इमरजेंसी की ऑक्सीजन पाइपलाइन चालू ही नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टर भी इलाज में लापवाही कर रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त आकस्मिक विभाग पहुंचे, यहां काउंसलर मिथिलेश सिंह अनुपस्थित मिलीं। माइक्रोस्कोपिक सेंटर और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में कर्मचारी सोते मिले। यह देखकर आयुक्त आश्चर्यचकित रह गए और जल्द सारी व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में नाक, कान, गला कक्ष में चिकित्सक अनुपस्थित मिले। चर्म रोग ओपीडी का खाली मिला। ऑर्थोपेडिक में मरीजों के कटे प्लास्टर मौके पर मिले, इसे हटाकर सफाई कराने के निर्देश दिए। पानी की उपलब्धता के लिए मोटर ठीक कराने को कहा। इमरजेंसी में ऑक्सीजन पाइप लाइन की जानकारी ली तो डॉक्टरों ने बताया गया कि कई जगह से लीकेज होने के कारण पाइप लाइन चालू नहीं है। कहा कि इस तरह के मामले आ रहे हैं कि विशेषज्ञ डॉक्टर इलाज में लापरवाही बरत रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं होगा कोविड अस्पताल में भर्ती होने वाले गंभीर रोगियों तो तुरंत विशेषज्ञ को बुलाकर उपचार कराया जाए। इस दौरान मंडलायुक्त ने झांसी में कोरोना से बढ़ती मृत्यु दर पर चिंता जताई। यह भी निर्देश दिए कि डॉक्टरों को थर्मल स्कैनर सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराएं। इस दौरान प्रभारी सीएमएस डॉ. डीएस गुप्ता, डॉ. गोकुल प्रसाद मौजूद रहे।