बिजली विभाग ने ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सोमवार से मोबाइल उपभोक्ता सुविधा केंद्र का शुभारंभ कर दिया। मारुति वैन में खोले गए इस केंद्र के कर्मचारी प्रतिदिन दो से तीन गांवों में जाएंगे, जो उपभोक्ताओं के मीटर से रीडिंग देखकर तुरंत बिल बनाने के साथ जमा करने का भी काम करेंगे।
जनपद के कस्बों और गांवों में 80 अस्सी हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। अधिकांश गांव वालों की शिकायत रहती हैं कि उनके यहां पर समय से बिल नहीं बनाए जाते हैं। साल- दो साल में एकट्ठा बिल बड़ी हुई राशि के साथ भेज दिया जाता हैं जो एक साथ जमा करना उनके लिए मुमकिन नहीं होता है। साथ बिल संशोधन के लिए उनको विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
ऐसी ही ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली से जुड़ी तमाम समस्याओं को दूर करने के लिए सोमवार को बीकेडी कालेज के निकट स्थित विद्युत वितरण खंड ग्रामीण कार्यालय में मोबाइल उपभोक्ता सुविधा केंद्र का शुभारंभ मुख्य अभियंता आरपीएस तोमर ने किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि सप्ताह में दो दिन वैन मऊरानीपुर क्षेत्र और चार दिन बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ, समथर, बरुआसागर, बबीना और भेल क्षेत्र के गांवों में रहेगी। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता संदीप अग्रवाल, अधिशासी अभियंता डी यादवेंदु, सुमंत चतुर्वेदी मौजूद थे।
ये मिलेगी सुविधा
----------------
- विद्युत बिल उपलब्ध कराना
- विद्युत बिल जमा करना
- नया कनेक्शन देना
- खराब मीटर बदलना
- बिल संशोधन करना
- एलईडी बल्ब विक्रय करना
जनपद में हैं 850 गांव
जनपद के अंतर्गत आने वाले बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ, समथर, पूंछ, एरच, बामौर, गुरसराय, गरौठा, मऊरानीपुर, बंगरा, रानीपुर, बरुआसागर, बबीना और भेल कस्बों के आसपास कुल 850 गांव बसे हुए हैं।