संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजलीकर्मियों का 72 घंटे का कार्य बहिष्कार मंगलवार से शुरू हो गया है। पहले दिन मुख्य अभियंता कार्यालय पर एकत्रित हुए बिजली अधिकारी-कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। यहां उन्होंने कहा कि निजीकरण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा। इसके लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से इसमें हस्तक्षेप करते हुए निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के बैनर तले जेई और प्रोन्नत अभियंता एकत्रित हुए। सभा में जनपद अध्यक्ष रामकुमार वर्मा ने कहा कि निजीकरण होने से गरीब, किसान को महंगी बिजली मिलेगी। क्षेत्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि जहां-जहां निजीकरण किया गया है, वहां हालत बद से बदतर है। कहीं भी किसी तरह से कोई उद्धार नहीं हुआ। क्षेत्रीय सचिव राजकुमार ने कहा कि निजीकरण न तो जूनियर इंजीनियर और न ही विद्युत उपभोक्ताओं/आमजन के हित में है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, सभा को जनपद सचिव रोहित कुमार, उप खंड अधिकारी अक्षय कुमार ने भी संबोधित किया। मौके पर कन्हैयालाल, अमित कुमार मौर्या, अक्षय कुमार, दीपक कुमार, ऋतिक कुमार गुप्ता, रामनरेश शाक्य, रजनीश कुमार, दीपक सिंह, संजीव कुमार, संजय कुमार, शिवगोपाल विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।