संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में बिजलीकर्मियों को जेल का विकल्प पत्र भरने की बात कही तो प्रदेश भर में बिजलीकर्मियों में उबाल आ गया है। आपातकाल की 50वीं जयंती पर बिजली कर्मचारियों ने अन्याय और दमन के विरोध में निजीकरण का टेंडर होते ही जेल भरो अभियान चलाने का संकल्प जोरदार ढंग से व्यक्त किया।
संयुक्त संघर्ष समिति बुधवार को मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संयोजक सत्यदेव पाठक ने बताया कि निजीकरण को वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। संघर्ष समिति ने कहा कि 2000 की हड़ताल में लगभग 25000 बिजलीकर्मियों ने प्रदेश की जेल को भर दिया था। जरूरत पड़ी तो 2025 में एक बार फिर इसे दोहराया जाएगा। कहा कि इन धमकियों से बिजली कर्मी डरने वाले नहीं है। आने वाले दिनों में निजीकरण के पीछे हो रहे मेगा भ्रष्टाचार का बिजली कर्मचारी उपभोक्ता परिषद ,किसान संगठनों और ह्वीसल ब्लोअर्स के साथ मिलकर लगातार पर्दाफाश करते रहेंगे। इस मौके पर संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी व अभियंता मौजूद रहे।