बिजली के खंभों ने रोकी सीपरी की ‘चाल’
झांसी। सीपरी बाजार में ओवरब्रिज के नीचे की एक ओर की सड़क अभी हाल ही में दुरुस्त कर ली गई है, लेकिन दूसरी ओर अब भी खस्ताहाल स्थिति है। इससे आधा काम होने के बाद भी लोगों की आवागमन की परेशानी दूर नहीं हुई है। इसमें बाधा बिजली के खंभे बने हुए हैं, जिनके न हटने की वजह से दूसरी ओर की सड़क पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
पांच साल पहले ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने के साथ ही सीपरी बाजार के दुर्दिन शुरू हो गए थे। हालांकि, तब ये उम्मीद थी कि दो साल में काम पूरा होने के बाद क्षेत्र का यातायात सुगम हो जाएगा। लेकिन, काम अब भी अधर में है। पिछले एक साल से तो निर्माण पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। रेलवे की ओर से काम पूरा करने के लिए नये सिरे से टेंडर लिए गए हैं, लेकिन ब्रिज कब तक बनकर तैयार होगा, इसे लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ऐसे में क्षेत्र की जनता की ओर से लगातार दबाव बनाने के बाद नगर निगम ने निर्माणाधीन ब्रिज के नीचे दोनों ओर सड़क डालने की योजना बनाई थी, ताकि तात्कालिक रूप से आवागमन व्यवस्थित किया जा सके। ब्रिज के एक ओर सड़क डाल भी दी गई है। लेकिन, दूसरी ओर नंदनपुरा से आने वाले मार्ग पर काम शुरू नहीं हो पाया है। सड़क पर जगह - जगह गड्ढे हैं। बारिश में स्थिति और भी खराब हो जाती है। लोग इस रास्ते से जाने से कतराते हैं। ऐसे में वाहन सवार नई बनी सड़क पर अपनी गाड़ियां डाल देते हैं। इससे वाहन आमने सामने आ जाते हैं, जिससे जाम लगता है।
वहीं, दूसरी ओर की सड़क बनाने का काम बिजली के खंभों की वजह से शुरू नहीं हो पा रहा है। इस ओर दस खंभे लगे हुए हैं, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। एक माह पहले नगर आयुक्त की ओर से बिजली विभाग को खंभे शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन वो अब तक नहीं हो पाया है। इससे मामला लटका हुआ है और लोग परेशान हैं।
पेड़ भी हैं कटने
नंदनपुरा से आने वाले मार्ग पर तीन पेड़ भी लगे हुए हैं। सड़क निर्माण से पहले इन्हें भी काटा जाना है। इसके लिए वन विभाग की अनुमति ली जा चुकी है। पेड़ काटने का काम वन विभाग की ओर से किया जाना है। लेकिन, इस पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि, सड़क निर्माण के लिए बिजली के खंभे हटने के साथ पेड़ काटा जाना भी जरूरी है।
सड़क निर्माण के लिए निगम के पास पर्याप्त बजट है। लेकिन, बिजली के खंभे हटाए न जाने व पेड़ न काटे जाने की वजह से बाधा हो रही है। दोनों विभाग को दुबारा से पत्र भेजा जा रहा है।
- एलएन सिंह, मुख्य अभियंता - निर्माण विभाग, नगर निगम