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Jhansi News: बिजली निगम ने महिला को भेजा 3.21 लाख का बिल, उपभोक्ता अदालत ने किया निरस्त

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। मकान बनाने को 2016 में लिए गए बिजली के अस्थायी कनेक्शन को बिजली निगम ने तीन महीने की निर्धारित अवधि के बाद भी नहीं काटा और कनेक्शनधारक महिला को 321150 रुपये का बिल भेज दिया। इस मामले में उपभोक्ता अदालत ने बिल को निरस्त करने के आदेश जारी करते हुए अस्थायी कनेक्शन को निर्धारित अवधि में न काटने के लिए बिजली निगम को लापरवाह बताया है।
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मऊरानीपुर क्षेत्र के गांव सिलगुवा निवासी पार्वती देवी ने 11 मई 2016 में मकान बनाने के लिए 6080 रुपये जमा कराकर तीन महीने के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन लिया। इसी दौरान बेटे की नौकरी लगने पर वह अपने गांव चली गई। जनवरी 2018 में जब वह वापस आई तो पता चला कि बिजली कनेक्शन लगा हुआ है। 2022 में मकान बन जाने के बाद महिला ने स्थायी बिजली कनेक्शन के लिए बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि उसके ऊपर 321150 रुपये बकाया है। इसलिए उसे कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। अधिवक्ता गणेश कुमार खरे एवं सविता तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षाें को जानने के बाद अदालत ने माना कि महिला ने अस्थायी कनेक्शन की अवधि बढ़ाने के लिए कोई आवेदन नहीं किया। यदि कनेक्शन निर्धारित अवधि में काट दिया जाता तो विवाद पैदा नहीं होता। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह, सदस्य देवेश अग्निहोत्री एवं ज्योति प्रभा जैन ने इस मामले में महिला का परिवाद स्वीकार करते हुए अधिशासी अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड नगरीय द्वितीय को 321150 रुपये का बिल निरस्त करने का आदेश दिया है।
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