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भीषण गर्मी में डेढ़ गुना बढ़ गई बिजली की खपत

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झांसी। भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है। आलम यह है कि सामान्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुना तक बिजली की खपत बढ़ गई है। इससे ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। उनमें अर्थिंग की समस्या आ गई है। इसके समाधान के लिए ट्रांसफार्मरों का सर्वे कर देखा जा रहा है कि उनमें अर्थिंग है या नहीं। केबलों को भी चेक किया जा रहा है।
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इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। आमतौर पर पानी बरसने का सीजन होने के कारण अधिक गर्मी नहीं पड़ती है। लेकिन अबकी बार पानी बारिश नहीं हुई है, इसलिए उमस भरी गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। बिना कूलर या पंखा के एक मिनट भी बैठ पाना मुश्किल हो रहा है। जिनके घरों में एसी लगे हैं, वह पूरी क्षमता से चला रहे हैं। इससे बिजली की खपत बढ़ गई है और ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए हैं।
आम दिनों में दो करोड़ यूनिट प्रतिदिन बिजली की खपत होती है। लेकिन इन दिनों बिजली की खपत तीन करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो रही है। यह स्थिति पिछले कई दिनों से चल रही है। लगातार खपत बढ़ने के कारण ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए हैं, जिन ट्रांसफार्मरों में तेल की कमी है अथवा अर्थिंग नहीं आ रही है, वह फुंक रहे हैं। इसलिए ट्रांसफार्मरों का सर्वे किया जा रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि तेल कितना है, उस पर लोड कितना है, केबल सही है या नहीं है, अर्थिंग है या नहीं। सबसे बड़ी समस्या अर्थिंग की है क्योंकि गर्मी पड़ने के कारण अर्थिंग गड़बड़ा गई है। बिना अर्थिंग के कारण ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ गया है। लोड बढ़ जाने के कारण ट्रांसफार्मर के ब्लास्ट होने की संभावना अधिक हो जाती है। पिछले दिनों खोवा मंडी व स्वामीपुरम कॉलोनी में इसी वजह से ट्रांसफार्मर ब्लास्ट हो चुके हैं। अभी बिजली ओवरलोड चल रही है और इसकी कोई उम्मीद नहीं है कि कब तक यह स्थिति रहेगी। ट्रांसफार्मर फुंकने से नुकसान न हो, इसलिए पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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गर्मियों में ओवरलोडिंग बढ़ गई है। ट्रांसफार्मरों का सर्वे कराया जा रहा है, ताकि ओवरलोडिंग की वजह से नुकसान न हो। बिजली की खपत डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। इससे विभाग की चुनौती भी बढ़ गई है। - डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता
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