बिल जमा करने वालों को सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क, रुमाल या गमछे से मुंह को ढकना होगा। कार्यालय में सभी अधिकारी व 33 प्रतिशत कर्मचारी मौजूद रहेंगे। कार्यालय में थर्मल पावर स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था रहेगी। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बिजली अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर निर्देश दिए है कि वे 20 अप्रैल से नियमित रूप से कार्यालय में बैठे। प्रतिदिन 30 फीसदी स्टाफ मौजूद रहे, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण होना शुरू हो जाए। बढ़ती गर्मी को देखते हुए एक हफ्ते में मेंटेनेंस काम पूरे कर लिए जाए। दस किलोवाट व इससे ऊपर के वाणिज्य और इंडस्ट्रीयल कनेक्शनों के बिल पूर्व की तरह वर्तमान रीडिंग के हिसाब से बनाए जाएं। जो घरेलू उपभोक्ता अपना बिल वर्तमान रीडिंग के हिसाब से बनवाना चाहते हैं, वे रीडिंग मोबाइल पर खींच कर संबंधित सबस्टेशन के जेई के पास ले जाएं। जेई के सत्यापन करने के बाद उपखंड अधिकारी से बिल बनवाया जा सकता है। बिजली बिल के लिए एसएमएस पर दे रखी है सुविधा बिजली उपभोक्ता ने अप्रैल महीने के बिल की धनराशि का पता करने के लिए एसएमएस पर सुविधा दे रखी है। इसके लिए उपभोक्ता को मोबाइल पर नंबर 5616195 से बिल स्पेस अपना बिजली एकाउंट नंबर लिखकर भेजना है। विभाग एसएमएस के जरिये ही उपभोक्ता के पास तीन महीने का औसत बिल बनाकर भेज देता है। इस बिल को उपभोक्ता ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। उपभोक्ता बिजली विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी अपना बिल देख सकते हैं। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (महानगर) राकेश वार्ष्णेय ने बताया कि अप्रैल में तीन महीने की यूनिटों की औसत के हिसाब से बिल जारी होना शुरू हो गए हैं। जब बिल सामान्य रूप से बनने लगेंगे, तब मीटर में आई यूनिटों को जमा बिल के हिसाब से समायोजित कर दिया जाएगा। अभी तक 5600 उपभोक्ता अपना ऑनलाइन बिल जमा कर चुके हैं।