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जब देखो तब बिजली गुल

Fri, 24 Jun 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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electrecity, jhansi hindi news - फोटो : demo
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झांसी। ओवरलोडिंग की समस्या दूर करने के लिए बनाए गए दुनारा ट्रांसमिशन सबस्टेशन का पर्याप्त लाभ विद्युत उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है। इसका बड़ा कारण आए दिन इससे जुड़ी लाइनों में  होने वाले फाल्ट है। एक महीने में चार फाल्ट तो हो ही जाते हैं और तब जुड़े 30 से अधिक इलाकों की बिजली गुल हो जाती है।
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 एक साल पहले तक हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन के जरिए 13 सबस्टेशन जुड़े  थे। इनके जरिए ही पूरे शहर को बिजली दी जाती थी। तब सबसे बड़ी समस्या ओवरलोडिंग की थी। बड़े पैमाने पर कटौती की जाती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए तीन करोड़ की लागत से दुनारा में नया ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाया गया और हंसारी ट्रांसमिशन के दो सबस्टेशन दुनारा से जोड़ दिए गए। इससे ओवरलोडिंग की समस्या तो किसी हद तक कम हो गई लेकिन नई दिक्कत बड़े पैमाने पर फाल्ट के रूप में पैदा हो गई।

बताया गया कि दुनारा ट्रांसमिशन सबस्टेशन से निकली वाली लाइनें दुरुस्त नहीं हैं। कहीं इनमें झोल है तो कहीं तार कमजोर हैं। इसी कारण ये लाइनें तेज हवा के झोंके नहीं झेल पातीं और टूट जाती हैं। इसका खामियाजा 30 इलाकों के 12 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।    
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 पूर्व में हंसारी ट्रांसमिशन पावर हाउस से आने वाली 33 केवी लाइन से सीपरी बाजार, सूती मिल और उन्नाव गेट पंचवटी सब स्टेशन जुड़े हुए थे। एक ही लाइन से जुड़े होने के कारण तीनों सब स्टेशनों पर अकसर ओवर लोडिंग की समस्या बनी रहती थी। इस कारण विभाग ने सूती मिल और पंचवटी सब स्टेशनों को बड़ागांव के दुनारा स्थित 220 केवी सब स्टेशन से जोड़ने की योजना तैयार की थी।  एक ही लाइन पर पंचवटी और सूती मिल के लिए 33 केवी फीडर बनाए गए। पंद्रह किलोमीटर इस लाइन में करीब 270 खंभे लगाए गए हैं।

सूती मिल और उन्नाव गेट सब स्टेशनों को इस लाइन से करंट दिया जा रहा है। लेकिन इस लाइन में महीने में कई बार फाल्ट होते हैं। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को घंटों अंधेरे में गुजारने पड़ते हैं। आंधी और बारिश में फाल्ट होना तय है। विगत 21 जून की सुबह बारिश होने के बाद इस लाइन में ऐसा फाल्ट हुआ कि दो दिन तक बिजली गुल रही।

‘नई लाइन बनाने में कई कमियां सामने आई थीं। इस कारण यह विद्युत लाइन चार माह के लिए बंद कर दी गई थी। इस संबंधित निर्माण कंपनी ने लाइनों को नए सिरे दुरुस्त किया। मुझे लगता है कि अभी भी लाइन पूरी तरह दुरुस्त नहीं है। मैं फिर निर्माण कंपनी को समस्या से अवगत करवाऊंगा। ’
पंकज अग्रवाल
अधिशासी अभियंता (द्वितीय)।


खामियां
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- रास्ते के कई खंभे तिरछे हो गए हैं।
- कई खंभों के बीच खींचे तारों में स्पान (खिंचाव) नहीं है। इस कारण ये ढीले हो गए हैं। आंधी के दौरान तार आपस में टकराने पर फाल्ट हो जाता है।
- नई लाइन के इंसुलेटर और डिस्क पहली बारिश में ही बर्स्ट होने लगे है।

इन क्षेत्रों में दिक्कत
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सूती मिल, उन्नाव गेट सब स्टेशन से अयोध्या पुरी, अंदर- बाहर उन्नाव गेट, पंचवटी, शीतल कॉलोनी, थापक बाग, अलीगोल, नाले का बाग, आईटीआई सिद्धेश्वर नगर, नया गांव, महेंद्र पुरी कॉलोनी, पाल कॉलोनी, भांडेरी गेट, मेवातीपुरा, पठौरिया, ग्वालियर रोड क्रासिंग आदि क्षेत्र जुड़े हुए हैं। 
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