बड़ागांव के लिथौरा निवासी घनाराम (63) ने बेटों से विवाद के बाद ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। उनका शव बुधवार सुबह झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर पारीछा गांव के पास ट्रैक पर पड़ा मिला। शव के बुरी तरह नष्ट हो जाने से उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पास में मिले मोबाइल से शिनाख्त हो सकी।
लिथौरा गांव के घनाराम खेती-किसानी करते थे। उनके दो बेटे हैं। दोनों का विवाह हो चुका है। दोनों बेटे परिवार के साथ अलग-अलग रहते हैं। परिजनों ने बताया कि मंगलवार रात घनाराम के खेत से लौटने के बाद किसी बात को लेकर उनका बेटों से विवाद होने लगा। गांव के लोग भी जमा हो गए। दोनों बेटे उनसे गाली-गलौज करने लगे। गांव वालों के सामने ही गाली गलौज किए जाने की बात घनाराम को बुरी लग गई। बिना किसी से कुछ कहे वह घर से निकल गए। आधी रात के बाद भी वह घर नहीं लौटे। बेटों ने भी उनको नहीं तलाशा।
दो टुकड़ों में मिला शव
बुधवार सुबह गांव के पीछे से गुजरी रेलवे लाइन के पास ट्रेन से दो टुकड़ों में कटा शव बरामद हुआ। बड़ागांव पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस के मुताबिक रेलवे ट्रैक के पास से एक मोबाइल भी बरामद हुआ था। उसके सहारे उसकी शिनाख्त हो सकी। पिता का शव मिलने पर बेटे भी परिजनों के साथ रोते-बिलखते पहुंच गए। बड़ागांव थानाध्यक्ष राजेश कुमार के मुताबिक छानबीन में मालूम चला कि बेटों से घनाराम का विवाद हो गया था। उसके बाद वह घर छोड़कर चला गया। विवाद की वजह से ही उसके सुसाइड करने की आशंका जताई जा रही है।