झांसी। झांसी में कोरोना के सात मई से केस कम होना शुरू हो जाएंगे, जबकि एक जून के बाद इसमें बड़ी राहत मिलेगी। जी हां, ये विश्लेषाणात्मक रिपोर्ट आईआईटी कानपुर द्वारा तैयार की गई है, जिसे शासन को सौंप दिया गया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के उपाय किए जाएंगे।
मंद पड़ चुके कोरोना वायरस के संक्रमण ने एक बार फिर से मार्च माह में गति पकड़ना शुरू कर दी थी। मार्च में 310 नए मरीज सामने आए थे। लेकिन, अप्रैल की शुरुआत के साथ ही इसकी रफ्तार बेकाबू हो चली थी। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अप्रैल माह के तीस दिनों में जिले में 15,805 लोगों में इस महामारी का संक्रमण पाया गया, जबकि 96 संक्रमितों की सांसें भी थम गईं थीं। मई माह में भी लगातार जारी है। पांच दिन में रिकॉर्ड 4473 लोग कोरोना से ग्रसित पाए जा चुके हैं। इसके अलावा 71 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कई परिवारों को इस महामारी ने उजाड़ दिया है। मरीजों की बेतहाशा रूप से बढ़ती संख्या की वजह से हाहाकार की स्थिति मची हुई है। लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं।
हालात पर काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार ने आईआईटी कानपुर को राज्य के सभी 75 जिलों की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। आईआईटी ने झांसी समेत 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंप भी दी है। रिपोर्ट बीते साल और इस साल संक्रमण के फैलाव, टीकाकरण की स्थिति समेत अन्य बिंदुओं के आधार पर तैयार की है। शासन को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार झांसी में 26 मार्च को केस बढ़ना शुरू हुए। दो मई को इसका पीक आया। लेकिन, सात मई से केस घटना शुरू हो जाएंगे और एक जून के बाद बड़ी राहत मिलेगी। आईआईटी ने कहा है कि रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति में मामूली फर्क हो सकता है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार लॉकडाउन, टीकाकरण में तेजी, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता आदि बिंदुओं पर फैसला लेेगी, ताकि संक्रमण को रोका जा सके।
जिले के रिकवरी रेट में सुधार
झांसी। बुधवार को जिले में कोरोना के 620 नए मरीज सामने आए, जबकि 940 को डिस्चार्ज किया गया। इनमें से 148 की अस्पतालों से छुट्टी हुई, जबकि 792 घर (होम आइसोलेशन) में रहकर ही ठीक हो गए। इससे जिले के रिकवरी रेट में सुधार आया है। बुधवार को ये 72.94 प्रतिशत से बढ़कर 74.57 फीसदी में पर पहुंच गया है। विदित हो कि 30 अप्रैल को रिकवरी रेट 69.40 प्रतिशत था। जिले में कोरोना के अब तक 31,049 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 23,137 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में रिकॉर्ड 7,571 सक्रिय संक्रमित हैं।
अमूमन कोई भी संक्रमण बढ़ना शुरू होता है तो उसकी साइकिल 45 दिन की होती है। ऐसे में संभावना जताई जा सकती है कि जल्द ही कोरोना की रफ्तार धीमी हो सकती है। लेकिन, वर्तमान में लोग किसी तरह की रियायत न बरतें। पूरी तरह से सतर्क और सावधान रहें।
- डा. पारस गुप्ता, सहायक नोडल - कोविड अस्पताल, मेडिकल कॉलेज