झांसी। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की भूमि में अब एथलेटिक्स को विकसित किया जाएगा। एथलेटिक्स में नई प्रतिभाओं को तराश कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर दिया जाएगा। भारतीय खेल प्राधिकरण (र्साइं) ने एक जिला एक खेल योजना के अंतर्गत झांसी को एथलेटिक्स आवंटन किया है। जबकि ललितपुर को तीरंदाजी और उरई को एथलेटिक्स आवंटित किया है।
लगभग 10 माह पूर्व सितंबर में खेलो इंडिया के अंतर्गत शासन ने प्रस्ताव मांगे थे। इसके तहत झांसी को एथलेटिक की मंजूरी दी गई। दरअसल, देश विदेश में हाकी से अपनी विशेष पहचान बनाए रखने वाली झांसी ने एथलेटिक्स में भी अपनी अच्छी खासी पहचान बनाई हुई है। समय- समय पर स्थानीय प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर लोगों को प्रभावित किया है। वर्तमान में शैली सिंह जो अगस्त में केन्या में आयोजित विश्व जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके अलावा वर्षा पाल, शीलू यादव भी एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। इससे पूर्व धावक धीरज परिहार विश्व रेलवे एथलेटिक्स प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। एथलेटिक्स संघ के सचिव अर्जुन सिंह भी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजेता रहे हैं।
एथलेटिक्स में निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर झांसी की प्रतिभाएं अपनी पहचान बना रही हैं। भविष्य में एथलेटिक्स का 400 सिंथेटिक ट्रैक का प्रावधान किया गया है, जिस का शीघ्र निर्माण होगा। वहीं, खेल योजना के अंतर्गत ललितपुर को तीरंदाजी और उरई व झांसी को एथलेटिक्स आवंटन हुआ है। सुरेश बोनकर, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी