संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलवे स्टेशन पर आठ प्लेटफॉर्म बने हैं। रोजाना करीब 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। यहां से एक्सप्रेस, पैसेंजर, सुपरफास्ट और मालगाड़ियों को मिलाकर करीब 200 ट्रेनें गुजरती हैं। इसके बावजूद स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था लचर है। स्टेशन परिसर में कोई कहीं से भी प्रवेश कर जाता है। कहीं से आइए और कहीं से भी गुजरिए, कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है। लगेज स्कैनर लगे हैं, लेकिन निगरानी न होने से बेरोकटोक लोगों की आवाजाही है। प्लेटफार्म नंबर एक पर पीछे की तरफ बना रास्ता स्टेशन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। मुख्यद्वार से प्लेटफार्म तक यात्रियों की न तो तलाशी ली जाती है और न ही रेलवे पुलिस बल टोकता है।रविवार को ‘अमर उजाला’ ने दोपहर के समय स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जांची तो मुख्य गेट पर यात्री और बाहरी लोग बिना किसी जांच के आराम से प्लेटफार्मों पर आते-जाते दिखे। इन्हें टोकने के लिए आरपीएफ और जीआरपी का एक भी जवान तैनात नहीं था। दोपहर 1.45 बजे बरौनी मेल के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही कई यात्री स्टेशन पर उतरे। वहीं, स्टेशन के वीआईपी गेट से झेलम से उतरे यात्री भी बाहर निकल गए, लेकिन उन पर निगाह रखने के लिए कोई जवान नहीं था। मुख्यद्वार भी सुरक्षा की दृष्टि से वीरान मिला। रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले सभी रास्ते खुले हुए हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी दिशा से स्टेशन पर बगैर जांच पड़ताल के पहुंच सकता है और किसी भी ट्रेन में सवार हो सकता है। ं