अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ओर से जारी सीए फाइनल के परिणाम में झांसी के 11 युवाओं ने सफलता हासिल की है। खास बात ये है कि इनमें आठ बेटियां हैं। रोडवेज के ड्राइवर की बेटी ने भी सफलता हासिल की है। वहीं, सीए बनने पर परिजनों में मिठाई खिलाकर सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी।
पठौरिया निवासी मुकेश शिवहरे रोडवेज में ड्राइवर हैं। उनकी बेटी शिवी शिवहरे सीए बन गई हैं। शुरू में परिजनों की इच्छा थी कि शिवी सरकारी नौकरी की तैयारी करें, मगर शिवी को शुरू से ही कॉमर्स में रुचि थी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के कई रास्ते हैं। घर बैठे भी खुद का व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। इसलिए उन्होंने सीए बनने की ठानी। अब उनकी मेहनत रंग लाई है।
वहीं, झोकनबाग की गुंजन परवानी भी सीए बन गई हैं। उनके पिता निर्मल परवानी व्यवसायी हैं। वह तीन साल से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थीं। पहले ही प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की है। बताया कि इंटरमीडिएट से ही उन्हें अकाउंट विषय में रुचि थी। इसीलिए सीए बनकर कॅरिअर बनाने का मन बना लिया था।
झोकनबाग निवासी सिविल इंजीनियर अजय अग्रवाल के बेटे समर्थ अग्रवाल भी पहले प्रयास में सीए बन गए हैं। 11वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही समर्थ की रुचि स्टॉक मार्केट में हो गई थी। अकाउंट उनका पसंदीदा विषय था। इसलिए इसी क्षेत्र में कॅरियर बनाने की उन्होंने ठान ली थी। इसके अलावा गुरसराय के हैप्पी जैन ने भी सीए बन गए हैं। उनके पिता संजीव कुमार जैन हैं। हैप्पी ने बताया कि वह साढ़े चार साल से दिल्ली में प्रशिक्षण ले रहे थे। वहीं, सीपरी बाजार की शेफाली अग्रवाल ने तीसरे प्रयास में सीए की फाइनल परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनके पिता निर्भय अग्रवाल व्यापारी हैं। कहा कि उनकी विज्ञान में रुचि नहीं थी। इसलिए कॉमर्स में प्रवेश लिया। कोचिंग की तो सीए के बारे में गहनता से जानकारी हुई। फिर सीए बनने का लक्ष्य तय कर लिया।
पहली परीक्षा में वो भी सफल हो गए। पठौरिया निवासी दिव्यांशु तिगुनायक का पहले ही प्रयास में सीए की परीक्षा पास कर ली है। वह भारती चंद्रशेखर तिगुनायक के पुत्र हैं। उनकी उपलब्धि पर मामा डॉ. दीपक उपाध्याय, हृदेश उपाध्याय, निकिता और प्रियांशु ने मिठाई खिलाकर बधाई दी। इसके अलावा, बबीना स्टेशन रोड निवासी शिवानी ने भी चार्टर्ड अकाउंटेंट की फाइनल परीक्षा पास कर ली है। उनके पिता घनश्याम यादव समाजसेवी हैं। सफलता पर पूर्व प्रधान चंदन सिंह यादव, बलवान पाल, दिलीप सिंह, जुगल किशोर ने सम्मानित किया।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जा पाईं, अब बनीं सीए
सफल अभ्यर्थियों में ओमशांति नगर की प्राची अग्रवाल भी शामिल हैं। उनके पिता मुकेश अग्रवाल सराफा व्यापारी हैं। प्राची के चाचा भी सीए हैं। प्राची पहले इंजीनियर बनना चाहती थीं, मगर पिता की तबीयत खराब होने के चलते वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जा सकीं। फिर चाचा से उन्हें सीए बनने की प्रेरणा मिली। अब उनकी सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। ्र
सीए बनकर पूरा किया दादा का सपना
नगरा निवासी व्यापारी गिरीश जैन की बेटी नित्या जैन ने सीए बनकर अपने दादा का सपना पूरा किया है। नित्या ने बताया कि उनके दादा प्रकाश चंद्र जैन सरकारी बैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं। दादा चाहते थे कि वह सीए बने। फिर नित्या ने भी सीए की तैयारी शुरू कर दी। शुरुआती तीन साल प्रशिक्षण प्राप्त किया। किन्हीं कारणों से दो बार परीक्षा में शामिल नहीं हुईं। इस बार पहले प्रयास में सफल हो गईं।
ये भी हुईं सफल
सीए फाइनल के परीक्षा परिणाम में झांसी की सलोनी जैन, संस्कृति गुप्ता भी सफल हो गई हैं। इनकी सफलता पर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।