अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कचहरी चौराहे पर आठ साल पहले जमीन कारोबारी संजय वर्मा पर दिनदहाड़े हुई फायरिंग और उनके अंगरक्षक की हत्या के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुभव द्विवेदी (आवश्यक वस्तु अधिनियम) की कोर्ट ने आठ आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं, साक्ष्य के अभाव में सरदार सिंह गुर्जर समेत आठ आरोपियों को बरी कर दिया गया। दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। दोषी ठहराए जाने के बाद सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
कोतवाली क्षेत्र के बड़ा बाजार स्थित मजदूरों वाली गली निवासी कारोबारी संजय वर्मा पर 21 जुलाई 2018 को कोर्ट से लौटते समय बाइक सवार हमलावरों ने कचहरी चौराहे के पास ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इस सनसनीखेज वारदात में गोली लगने से उनके अंगरक्षक लक्ष्मी गेट बाहर निवासी जय गोस्वामी की मौत हो गई थी। वहीं संजय वर्मा, उनाव गेट बाहर निवासी सुनील कुशवाहा और चालक रवि समेत अन्य घायल हो गए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार संजय के बेटे संचित की तहरीर पर नवाबाद थाने में चतुरयाना निवासी सोनू गेड़ा, रिंकू गेड़ा, बॉबी गेड़ा, लकारा निवासी अंगद गुर्जर, प्रहलाद गुर्जर, ऊधम सिंह गुर्जर, राजेंद्र गुर्जर, पुष्पेंद्र गुर्जर और शिवम गुर्जर समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना सीबीसीआईडी से भी कराई गई, जिसमें शिवम का नाम हटा दिया गया था। बाद में 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाह और कई अहम साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। करीब आठ साल चली सुनवाई और जिरह के बाद कोर्ट ने बॉबी उर्फ संदीप गुप्ता, रिंकू गेड़ा उर्फ मनीष, राजेंद्र गुर्जर, भूपेंद्र सिंह उर्फ पुष्पेंद्र, प्रहलाद, ऊधम सिंह गुर्जर और कमलेश यादव को दोषी करार दिया।
वहीं, षड्यंत्र रचने के आरोपी सरदार सिंह गुर्जर, राव राजा, भरत सिंह, सनम डागर, गौरव उर्फ मोंटी, सागर राणा, नीतेश पटवारी और रोहित उर्फ रोहताश के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि शनिवार को दोषियों को सजा सुनाई जा सकती है।