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शिक्षामित्रों का ऐलान, नहीं करेंगे बीएलओ और रैपिड सर्वे का काम

Sat, 29 Jul 2017 12:40 AM IST
amarujala
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dharna jhansi news - फोटो : demo
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झांसी।
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सुप्रीम कोर्ट से समायोजन निरस्त होने के तीसरे दिन भी शिक्षामित्रों का प्रदर्शन जारी रहा। शुक्रवार को शिक्षामित्रों ने शिक्षा भवन में धरना देकर ऐलान किया कि वह बीएलओ और रैपिड सर्वे का काम नहीं करेंगे। उन्होंने विधायक रवि शर्मा को ज्ञापन देकर मांग की कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे। 
शिक्षा भवन परिसर में सैकड़ों महिला और पुरुष शिक्षामित्र सुबह एकत्र हो गए और सभा की। वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित करे। उन्होंने राज्य सरकार से भी मांग की, कि वह सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे। इस दौरान कुछ वक्ताओं ने कहा कि सरकार का रुख स्पष्ट नहीं होने पर वह बीएलओ व रैपिड सर्वे कार्य को भी नहीं करेंगे। इस दौरान सभा स्थल पर विधायक रवि शर्मा भी पहुंचे, जिन्हें शिक्षामित्रों ने ज्ञापन दिया और मांग की कि राज्य सरकार समायोजित शिक्षकों-शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखे। विधायक ने कहा कि वह शिक्षामित्रों की बात पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराएंगे। 
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शाम को प्रदर्शनकारियों ने सभा स्थल पर मोमबत्ती जलाए। इस अवसर संयुक्त समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा झांसी के सुगर सिंह यादव, संजीव यादव, गोविंद सिंह यादव, विष्णु दत्त पटैरिया आदि मौजूद रहे।

रेलवे स्टेशन व इलाइट पर रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
 शिक्षामित्रों के प्रदर्शन करने की संभावना पर रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। दिन भर आरपीएफ, जीआरपीएफ के जवान व रेलवे प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक को उनके जीवनशाह स्थित कार्यालय में ज्ञापन देने की शिक्षामित्रों की घोषणा के चलते इलाइट चौराहा, जीवनशाह तिराहे पर भी व्यापक रूप से पुलिस जवान दोपहर तक तैनात रहे।
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विधायक ने सीएम क ो पत्र भेजा
विधायक रवि शर्मा ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा, जिसमें उनसे आग्रह किया कि वह प्रदेश में समायोजित शिक्षकों-शिक्षा मित्रों के भविष्य को सुरक्षित करनेे के लिए जल्द निर्णय लें। पत्र में बताया कि एक लाख सत्तर हजार शिक्षामित्र व उनके परिवार राहत के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
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