महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मानदेय न मिलने से नाराज ई-हॉस्पिटल के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे व्यवस्था बेपटरी हो गई। ओपीडी में दिखाने आए लोगों के पर्चे नहीं बन सके, इससे लंबी-लंबी कतारें लग गईं। गुस्साए लोगों ने खिड़कियां, दरवाजे पीटे। जानकारी होने पर कॉलेज प्रशासन ने एक अन्य कर्मचारी को बैठाकर मैनुअल पर्चे बनवाए, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। बाद में अनुबंधित कंपनी के अधिकारियों ने कर्मचारियों से बात कर सोमवार शाम तक मानदेय खाते में भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौट आए।
मेडिकल कॉलेज में आठ अक्तूबर से ई-हॉस्पिटल के काम के लिए एक कंपनी के 11 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि विगत पांच महीने से लगातार कार्य करने के बाद भी कंपनी ने मानदेय नहीं दिया है। मानदेय न मिलने के संबंध में बीती एक मार्च को कॉलेज प्राचार्य को भी पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। प्राचार्य ने दो दिन में मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक मानदेय नहीं मिल सका। इसके विरोध में कर्मचारियों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार करने की वजह से ओपीडी के पर्चे नहीं बन पाए। इससे नाराज लोगों ने पर्चा काउंटर की खिड़कियां और दरवाजे पीटने शुरू कर दिए। कॉलेज प्रशासन तक सूचना पहुंची तो वह कर्मचारियों से काम पर लौटने का दबाव बनाने लगे। कर्मचारी नहीं माने और कार्य बहिष्कार जारी रखा। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने कर्मचारियों से फोन पर बात की। कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी की तरफ से सोमवार शाम तक मानदेय देने का आश्वासन दिया गया, तब जाकर दोपहर 12 बजे ई-हॉस्पिटल का काम फिर से शुरू कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मानदेय नहीं आएगा तो वह फिर कार्य बहिष्कार करेंगे।
आधे मरीज ही दिखा पाए
सोमवार का दिन होने की वजह से मेडिकल कॉलेज पर मरीजों का भार अधिक था। सोमवार को औसतन मेडिकल कॉलेज में 2500 से 3000 पर्चे बनते हैं। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से ऑनलाइन 800 और मैनुअल 341 यानी कुल 1141 पर्चे ही बन सके। ये आंकड़ा सोमवार के दिन के हिसाब से आधे से कम है। स्पष्ट है कि आधे से ज्यादा मरीज कार्य बहिष्कार की वजह से चिकित्सकीय परीक्षण नहीं करा पाए।
कई बार कॉलेज की तरफ से कंपनी को रिमांइडर भेजा जा चुका है। फिर भी ई-हॉस्पिटल का काम करने वाले कर्मचारियों का मानदेय नहीं दिया। प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने जब अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि शनिवार को मानदेय भेज दिया गया है। बाद में कंपनी के अधिकारियों से बातचीत के बाद कर्मचारी काम पर लौट आए। - डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस।