झांसी। बीएसए कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों में से एक और महिला शिक्षामित्र बेहोश हो गई, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद उसे होश आ गया।
बेसिक प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने पर शिक्षामित्रों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के क्रम में सोमवार की शाम धरना प्रदर्शन में शामिल बबीना ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अटरियन की शिक्षामित्र रागिनी की हालत बिगड़ गई। हाथ पैर में कंपन तथा बेहोशी आने पर सहयोगी शिक्षामित्र उसे तुरंत निजी वाहन से जिला अस्पताल में ले गए, जहां इलाज के बाद उसे होश आ गया। तीमारदारी में लगे शिक्षामित्रों ने बताया कि रागिनी को पिछले चार माह से मानदेय नहीं मिला है, वह अपने घर में एकमात्र कमाने वाली है। पति के एक्सीडेंट में निधन होने से उसके कंधे पर दो बेटियों व वृद्ध सास-ससुर क ी जिम्मेदारी है। शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक पद पर समायोजित होने से परिवार व उसके जीवन में खुशी लौटी थी, लेकिन समायोजन निरस्त होने से परिवार के संचालन को लेकर वह परेशान थी। वहीं होश आने के बाद रागिनी क ी आंखों से निकल रहे आंसू उसके दर्द को बयां कर रहे थे। आंसू देख समीप खडे़ कई शिक्षामित्र भी अपने आप को रोक नहीं सके और उनकी आंखें भी ढबढबा गईं।
शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन जारी झांसी। शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को भी बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सभी शिक्षामित्र धैर्य के साथ एकजुट रहें। बताया कि प्रांतीय नेतृत्व द्वारा 28 सितंबर को नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया है। प्रांतीय कार्यकारिणी द्वारा जल्द ही दिल्ली में धरना प्रदर्शन के लिए नई तिथि घोषित की जाएगी। इस अवसर पर विष्णु दत्त पटैरिया, गंधर्व पाल, वीरेंद्र श्रीवास्तव, रमाकांत यादव, पंकज वर्मा, संजीव यादव, अंजली यादव, अरुण कुमार अहिरवार, बृजेश राय, मनोज यादव, गोविंद यादव, मंगलेश्वर, मनोज कुमार, सुगर सिंह यादव, राजेश पटैरिया, लोकेश, शरद यादव, अमित, भगवान सिंह, उमेश यादव, पुष्पेंद्र तिवारी, शोभाराय, कीर्ति शर्मा, महादेवी, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।