झांसी। किसानों के विरोध की वजह से अब ग्राम बछौनी और रसोई में चकबंदी नहीं होगी। जबकि, पहले ग्राम सभा की ओर से इसका प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अब ग्रामीणों ने गांव में चकबंदी को गैर जरूरी बताया है, जिसके चलते विभाग ने भी चकबंदी न करने का मन बना लिया है।
गांवों में खातेदारों की अलग-अलग जोत को एक-दो स्थान पर लाने के लिए चकबंदी की जाती है। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा होती है। साथ ही उनका समय भी बचता है। जनपद में पिछले लगभग पांच सालों से बुढ़पुरा, हीरापुर व कचनेव में चकबंदी जारी है। इसके अलावा बछौनी और रसोई में भी चकबंदी की जानी थी। ग्राम सभा की ओर से विभाग को इसका प्रस्ताव भी मिला था और विभाग की ओर से तैयारियां भी शुरू कर दीं गईं थीं। लेकिन, अब ग्रामीणों ने इसके मना कर दिया है। उन्होंने गांव में चकबंदी को गैर जरूरी बताया है, जिससे विभाग ने भी अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
किसी भी गांव में चकबंदी ग्रामीणों के प्रस्ताव पर ही की जाती है। लेकिन, बछौनी और रसोई गांव में ग्रामीणों ने चकबंदी का विरोध कर दिया है, जिससे अब यहां चकबंदी नहीं की जाएगी।
- हेमंत कुमार सिंघल, जिला चकबंदी अधिकारी