फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: खेल मैदान न होने से युवाओं को प्रतिभा निखारने का नहीं मिल रहा मौका

विज्ञापन
विज्ञापन
समथर। नगर में स्टेडियम या खेल का मैदान नहीं होने से युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इससे युवा निराश हैं। उनको मजबूरी में राजकीय महाविद्यालय के मैदान में अभ्यास करना पड़ रहा है। सेना व पुलिस में भर्ती के युवक-युवतियां सुबह-शाम नगर की सड़कों के किनारे दौड़ लगाकर तैयारी करते हैं। नगर की गलियों में कई जगह युवा और बच्चे क्रिकेट खेलकर अपनी खेलने की हसरत को पूरी करते नजर आते हैं।
विज्ञापन

नगर के राजकीय इंटर कॉलेज समथर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज समथर, महाराजा राधा चरण सिंह जूदेव विद्यालय समथर, राजकीय महाविद्यालय समथर आदि में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का रुझान विभिन्न खेलों की तरफ है। लेकिन स्टेडियम नहीं होने एवं व्यवसायिक प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं होने से प्रतिभाओं का निखार नहीं हो पा रहा है। खेलों के प्रति रुझान होने के बावजूद भी उन्हें उचित वातावरण एवं आधारभूत प्लेटफॉर्म नहीं मिल पा रहा है, जिससे युवा खेल के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। खेलों से न केवल शरीर को मजबूती मिलती है बल्कि इससे छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क जैसे कौशल भी विकसित होते हैं। खेल का मैदान नहीं होने से नगर के प्रतिभावान युवाओं छात्र-छात्राओं का शारीरिक एवं मानसिक विकास बाधित हो रहा है। पूर्व में नगर में तत्कालीन नगर पालिका परिषद बोर्ड द्वारा एक मिनी स्टेडियम बनाने की योजना बनाई गई थी लेकिन बाद में योजना ठंडे बस्ते में चली गई। स्थानीय लोगाें ने स्टेडियम या खेल मैदान बनवाने की मांग की।

बातचीत
शिक्षा के साथ-साथ छात्र जीवन में खेलों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। नगर में खेल के मैदान का अभाव होने से प्रतिभावान बालकों को उचित अवसर नहीं मिल पा रहा है। - रामकिशोर सरनाम कुशवाहा
विज्ञापन

-
खेल के क्षेत्र में बहुत कुछ करने की क्षमता नगर एवं क्षेत्र के युवाओं में उपलब्ध है। लेकिन नगर में स्टेडियम के अभाव में समुचित प्रशिक्षण नहीं मिल पाने से खेल की तकनीकी कमियों को दूर करने का मौका नहीं मिल पाता है। - इंद्रजीत सिंह यादव

पुलिस, सेना में भर्ती की तैयारी के लिए नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। शारीरिक दक्षता की तैयारी करने वाले युवा लड़के-लड़कियां सुबह-शाम सड़क किनारे दौड़ लगाने को मजबूर हैं। - इंद्रजीत सिंह यादव
-
स्टेडियम के अभाव में युवा एवं बच्चे गली एवं ख़ाली स्थानों में खेलने को मजबूर हैं। खेलों में प्रतिभाओं को निखरने के लिए स्टेडियम का होना बहुत ही जरूरी है। - अभिषेक गुर्जर, क्रिकेट खिलाड़ी

नगर में खेल मैदान न होने के कारण एक तो नियमित अभ्यास नहीं हो पाता है साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण भी नहीं मिल पाता है। जिससे खेलों की तकनीकी बारीकियां नहीं समझ पाते हैं। - नीरज मुदगिल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें