एरच। बामौर और एरच से जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए यहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कारण यह है कि यहां रोडवेज बसों का संचालन नहीं कराया जा रहा है। जिससे जनपद मुख्यालय पहुंचने के लिए मजबूरन डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हो रही है।
एरच एवं ब्लाॅक मुख्यालय बामौर से रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं की जा सकी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि रोडवेज बस सेवा का लाभ न मिलने से क्षेत्र के लोग मजबूरन डग्गामार वाहनों में यात्रा करते हैं, जिससे कई बार जोखिम भरा सफर भी होता है। वहीं, डग्गामार वाहनों के कारण व्यापारी, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग अपने काम पर समय से नहीं पहुंच पाते हैं। वहीं, जिला मुख्यालय से एरच, ककरवई आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय तक दो-दो रोडवेज बस चलाई जाएं जो सुबह आठ बजे एवं दस बजे से चलाई जाएं। वापस शाम चार बजे और सात बजे का समय हो, जिससे क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
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क्षेत्र से जिला मुख्यालय तक रोडवेज बस चलाए जाने की मांग की गई लेकिन विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। - वीरेंद्र कुमार, प्रधान इसकिल बुजुर्ग
ब्लाॅक मुख्यालय बामौर और एरच से दो-दो रोडबेज बस चलाई जाएं। जिससे क्षेत्र के किसान, व्यापारियों को लाभ मिले। - कुलदीप सिंह यादव, प्रधान गेंदा कबूला
रोडवेज बस सेवा चालू करने से तीन दर्जन गांव के लोगों को लाभ मिलेगा। विभाग को राजस्व का फायदा होगा। - दीपक राजपूत
महिलाओं को मजबूरन डग्गामार वाहन से यात्रा करनी पड़ती है। परिवहन विभाग को बस चलवानी चाहिए। - मालती पांचाल, पूर्व सभासद
रोडवेज बस चलाए जाने की मांग को लेकर विभाग अनदेखी कर रहा है। जिससे लोगों में रोष बना है। - रामराजा यादव, प्रधान शमसेरपुरा