झांसी। कानपुर कांड में शहीद हुए सिपाही सुल्तान सिंह के परिजनों को मंगलवार को प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने एक करोड़ रुपये की सहायता राशि सौंपी। मंत्री ने 80 लाख रुपये शहीद की पत्नी उर्मिला और 20 लाख रुपये का चेक पिता हरप्रसाद को सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार और पूरा प्रदेश शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है।
भोजला गांव शहीद के घर पहुंचे मंत्री ने पहले शहीद के चित्र के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने सहायता राशि के चेक भेंट किए। इस मौके पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि घटना का पूरे प्रदेश को दुख है। गुनहगारों की तलाश में पुलिस की 20 टीमें और एसटीएफ लगी हुई है। अपराधी ज्यादा दिनों तक छुप नहीं पाएंगे, जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
इस मौके पर विधायक रवि शर्मा व राजीव सिंह पारीछा, महापौर रामतीर्थ सिंघल, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा, डॉ. आशीष अग्निहोत्री समेत जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, एसएसपी डी प्रदीप कुमार, नगर मजिस्ट्रेट सलिल कुमार पटेल, सीओ सिटी संग्राम सिंह आदि मौजूद रहे।
शहीद की पत्नी बोली, दुबे की गिरफ्तारी नहीं, एनकाउंटर चाहिए
झांसी। सहायता राशि देने पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री से शहीद सिपाही सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला ने कहा कि घटना को पांच दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक पुलिस विकास दुबे तक नहीं पहुंच पाई है। विकास दुबे को गिरफ्तार नहीं किया जाए, उसका एनकाउंटर किया जाना चाहिए। साथ ही, घटना में शामिल इंस्पेक्टर को भी बख्शा नहीं जाए। उर्मिला ने कहा कि दुबे ऊंचे रसूख वाला आदमी है। अगर गिरफ्तार किया तो अपने रसूख का इस्तेमाल कर छूट जाएगा। पहले तो शहीद की पत्नी ने अस्सी लाख रुपये की सहायता राशि लेने से मना कर दिया। लेकिन, बाद में वहां मौजूद लोगों के समझाने पर वह मान गई।