झांसी। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में हो रहे प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार को जिले में पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर रहा। जुमे की नमाज के मद्देनजर मस्जिदों के इर्दगिर्द भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सड़काें पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। ड्रोन कैमरों के जरिये इलाकों की निगरानी की गई। साथ ही संवेदनशील इलाकों में भी पीएसी तैनात रही।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से महानगर और देहात क्षेत्र को छह जोन में बांटकर सुबह 6 बजे से ड्यूटी की तैनाती की गई। सुबह से ही डीआईजी सुभाष सिंह बघेल, डीएम शिवसहाय अवस्थी व एसएसपी डॉ. ओपी सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ सुरक्षा का जायजा लेने सड़कों पर उतरे। जुमे की नमाज के चलते महानगर की सभी मस्जिदों के इर्दगिर्द सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। अधिकारियों ने मस्जिदों के पास पहुंचकर नमाजियों से वार्ता कर अफवाहों से बचने की सलाह दी।
डीआईजी ने कहा कि सभी लोग अफवाहों से बचें। यदि कोई भी आपत्तिजनक या भड़काऊ संदेश प्राप्त होता है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। डीएम ने कहा कि प्रत्येक स्थान पर पुलिस बल तैनात है। किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालोें के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। महानगर के इलाइट चौराहा, सीपरी बाजार, बस स्टैंड, कचहरी चौराहा समेत मुख्य चौराहों पर पांच कंपनी पीएसी तैनात रही। इसके साथ ही, सबसे ज्यादा संवेदनशील मोहल्ले व गांवों में हर गतिविधि की जानकारी जुटाने के लिए एलआईयू तैनात रही। टीमों में एडीएम राम अक्षयवर चौहान, एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, एसपी देहात राहुल मिठास, सीओ मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, सीओ सिटी संग्राम सिंह व सीओ सदर केवी शामिल रहे।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
शहर के सैयर गेट स्थित मरकजी मस्जिद के पास पुलिस सबसे ज्यादा सतर्क रही। मुस्लिम समुदाय के अलग-अलग तीन लोगाें का निधन होने के बाद लोग एकत्रित होकर मस्जिद पहुंचे। यहां एकाएक भीड़ बढ़ने की जानकारी मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई। अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मस्जिद पहुंचे। सही जानकारी मिलने पर राहत की सांस ली। अंतिम संस्कार के लिए कब्रिस्तान तक पुलिस भी साथ मौजूद रही। अंतिम संस्कार भी पुलिस की मौजूदगी में हुआ।
धर्मगुरु करते रहे अपील
महानगर में जहां पुलिस मुस्तैद रही वहीं धर्मगुरु भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों के बीच जाकर अपील करते रहे। मुफ्ती साबिर काशमी ने लोगों से कहा कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतें। जामा मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद हाशिम ने कहा कि धारा 144 का पालन करें। कोई भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित न किया जाए। पुलिस का सहयोग करें।