डीआरएम ऑफिस में सीनियर डीओएम का पुतला फूंका
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डिप्टी कंट्रोलर स्व. सुनील कुमार राजपूत के मामले में सीनियर डीओएम के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार को महिलाओं ने डीआरएम ऑफिस में धरना देकर हंगामा किया। बाद में सीनियर डीओएम का पुतला भी फूंका। रेल प्रशासन को एक हफ्ते का और समय देने के बाद धरना समाप्त हो गया। हंगामे में अन्य ट्रेन कंट्रोलर के परिवार की महिलाएं भी शामिल रहीं।
नौ फरवरी को रेलवे में डिप्टी कंट्रोलर के पद पर कार्यरत सुनील कुमार राजपूत की तबियत बिगड़ने पर मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद परिजनों ने शव को डीआरएम कार्यालय ले जाकर कर्मचारियों के साथ हंगामा किया था। उनका आरोप था कि सीनियर डीओएम एसके शुक्ल के उत्पीड़न के कारण डिप्टी कंट्रोलर की मौत हुई है। इस पर रेल प्रशासन ने सीनियर डीओएम को फोर्स लीव पर भेज दिया गया था।
सोमवार को सुबह उन्हें ड्यूटी पर वापस आना था। इसकी सूचना लगने पर मृत डिप्टी कंट्रोलर के परिजन अन्य कर्मचारियों की पत्नियों के साथ डीआरएम दफ्तर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। महिलाओं ने डीआरएम कक्ष के सामने सीनियर डीओएम के पुतले पर चप्पलों की माला पहनाने के बाद नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी व अन्य कर्मी भी एकत्र हो गए। इस दौरान महिलाएं और कर्मचारी सीनियर डीओएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनका ट्रांसफर करने और मृतक परिवार को तुरंत मुआवजा एवं नौकरी देने की मांग कर रहे थे।
आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा और अन्य अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। बाद में कर्मचारी नेताओं के साथ महिलाओं ने मंडल रेल प्रबंधक एके मिश्रा से मुलाकात की। इस पर मंडल रेल प्रबंधक ने कार्रवाई के लिए सात दिन की मोहलत और मांगी। इस दौरान महिलाओं ने चेताया कि अगर तय अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो वे रेल रोको आंदोलन के लिए विवश हो जाएगी। इस मौके पर डिप्टी चीफ कंट्रोलर अजय द्विवेदी, बीएस यादव, जय प्रकाश भार्गव मौजूद थे।