फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नालों का पानी घरों में घुसा, जलभराव

Mon, 22 Aug 2016 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
rain, jhansi news - फोटो : demo
विज्ञापन
झांसी। झमाझम बरसात कई मुहल्लों के लिए आफत बनकर आई है। जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। इसी के साथ कीचड़, गंदगी और मच्छर भी पनप रहे हैं। हजारों परिवार इस समस्या से लगातार जूझ रहे हैं। बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। जल निगम के पास इसके लिए न तो कोई स्थायी समाधान है और न ही प्लानिंग। जनप्रतिनिधियों की कोशिश सिर्फ ज्ञापन तक ही सीमित है।
विज्ञापन


मेहंदीबाग का नाला उफनाया 
मेंहदीबाग में दो दिन पहले हुई बारिश के कारण नाला उफना गया और आसपास के कई घरों में गंदा पानी पहुंच गया। दस फुट चौड़ा नाला कब्जों के कारण दो फुट का रह गया है। वहां मकान बन गए। यही कारण है बारिश का पानी इकट्ठा हो जाता है और फिर उसमें मच्छर पनपने लगते हैं। गायत्री मंदिर क्षेत्र में भी जलभराव की समस्या है। यहां की गलियां गहराई में हैं। आधा घंटा भी पानी बरस गया तो जलभराव हो जाता है।

खुशीपुरा के हालात बिगड़े
खुशीपुरा में तो और भी बुरे हालात हैं। सदर बाजार क्षेत्र का नाला इस मुहल्ले से जुड़ा है। कैंट बोर्ड की जमीन पर पार्क बन गया है। नाले का पानी खुशीपुरा की मलिन बस्ती में भर गया है। पूरी बस्ती परेशान है। यही स्थिति इलाइट चौराहा से स्टेशन रोड जाने वाली सड़क पर अशोक होटल तिराहा के पास की है। एक बैंक के बगल में अतिक्रमण कर जनरेटर रख दिया गया है, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन


गल्ला मंडी नाले पर कब्जे
गल्ला मंडी रोड पर अजय इनक्लेव कालोनी से जुड़े नाले पर कब्जे हो जाने की वजह से सुभाष गंज, रानी महल, छनियापुरा, मछली बाजार, सागर खिड़की, बकरा मंडी और कसाई मंडी में जलभराव है। यही स्थिति तलैया पुरा की है। जल निकासी के स्थायी इंतजाम नहीं होने के कारण बारिश का पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया। इससे मिनर्वा चौराहा के आसपास की दुकानदार भी परेशान हैं। 

कब्जे हटेंगे
रविवार को सदर विधायक रवि शर्मा ने नगर आयुक्त अरुण प्रकाश के साथ बैठक कर जलभराव और नालों पर हुए कब्जों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। इसी बीच बुंदेलखंड कामगार एवं व्यापार मंडल के अध्यक्ष आसिफ सिद्दीकी भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अजय इनक्लेव से जुड़े नाले पर अवैध कब्जे हो जाने के कारण कई मोहल्लों में जलभराव हो जाता है। बड़े कब्जे हटाए नहीं जाते। नगर निगम स्वयं अतिक्रमण कराता है। इस पर उनका अधिकारियों से विवाद हो गया। बाद में तय हुआ कि कब्जे हटाए जाएंगे।
 
खुशीपुरा के लोग दुखी
खुशीपुरा में सदर बाजार क्षेत्र के नाले का पानी आता है, जिससे जलभराव होता है। इसके समाधान के लिए  कैंट बोर्ड से नाला बनवाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया था। लेकिन भोपाल से एनओसी जारी होने की बात कहकर कैंट बोर्ड ने इनकार कर दिया। अब नगर निगम को जलनिकासी का समाधान निकालना है। इस नाले से करीब सौ गरीब परिवार प्रभावित हैं। पुरानी तहसील के पीछे से गायत्री मंदिर आंतियाताल तक के क्षेत्र में मकान और गलियां मुख्य सड़क से काफी नीचे लेबल पर बनी हैं। इस कारण यहां पर जलभराव होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें