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गरीबों का सस्ता इलाज करने के लिए जाने जाते थे डॉ. कृष्णा

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डॉ.के आर. कृष्णा का फाइल फोटो। अमर उजाला
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झांसी। कोरोना से दम तोड़ने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. केआर कृष्णा झांसी के गरीबों का सस्ता इलाज करने के लिए जाने जाते थे। उनकी फीस महज 40 रुपये थी। कई बार किसी गरीब के पास पैसे तक नहीं होते थे तो डॉक्टर कृष्णा बिना फीस लिए ही मरीज देख लेते थे। वो कहते थे कि जब हों तब दे देना। इसके अलावा वह राजनीति में भी सक्रिय थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता के तौर पर उनकी पहचान थी। उनके पूर्व प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम और उनकी पुत्री पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार से काफी घनिष्ठ संबंध थे।
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खुशीपुरा निवासी डॉ. कांशीराम कृष्णा ने बीबीसी से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। पांच भाइयों में एक डॉ. कृष्णा की दो बेटियां और एक बेटा है। बेटी अमेरिका में है। जबकि, बेटा एमबीबीएस कर रहा है। वह राजनीति में भी सक्रिय रहे। खुशीपुरा से नगर पालिका सदस्य चुने गए। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय नगर पालिका अध्यक्ष का भी चुना लड़ा। वह चुनाव हार गए थे। डॉ. कृष्णा झांसी में कांग्रेस के प्रमुख दलित नेताओं में रहे हैं। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। इसके अलावा सैंय्यर गेट और विपिन बिहारी इंटर कॉलेज मार्ग पर भी उनका एक क्लीनिक था। उन्हें दिखाने के लिए मरीजों की भी अच्छी खासी भीड़ उमड़ती थी। मृदुभाषी, व्यावहारिक और बेहद सरल स्वभाव के होने की वजह से लोगों की बीच उनकी अच्छी पहुंच थी। ऐसे में समाजसेवी के तौर पर भी उन्हें पहचान जाता था। कोरोना वायरस के इस दौर में झांसी ने एक बड़ा चेहरा खो दिया।
समाज को अपूर्णीय क्षति हुई: वशिष्ठ
कांग्रेस पार्टी के तत्वावधान में आयोजित शोकसभा में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ ने कहा कि डॉ. कृष्णा के निधन से समाज को अपूर्णीय क्षति हुई है। वो समाज के निचले तबके के लोगों की सेवा करने का काम करते थे। इसमें उनके जीवन एवं कार्यों पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रदीप जैन, राजेंद्र रेजा, श्रीराम बिलगैया, गिरजा शंकर राय आदि मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सुधांशु त्रिपाठी ने डॉ. कृष्णा के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों की बहुत मदद की।
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