- फरवरी में आयोजित हुईं थीं परीक्षाएं, अप्रैल में घोषित होना था परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की मान्यता का प्रकरण उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण मदरसा बोर्ड के परीक्षार्थियों के परिणाम को लेकर संशय है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बोर्ड की मान्यता का निर्णय होने के बाद ही परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने से परीक्षार्थियों को चिंता सताने लगी है।
मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं में मुंशी, मौलवी (समकक्ष कक्षा दस), आलिम (इंटरमीडिएट), कामिल और फाजिल (ग्रेजुएशन) की परीक्षाओं में साढ़े आठ सौ परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे। परीक्षाएं फरवरी माह के पहले सप्ताह में आयोजित कराई गईं थीं। इसके चलते अप्रैल में परीक्षा परिणाम घोषित होने की संभावना थी। लेकिन 22 मार्च को इलाहबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड को असंवैधानिक करार देते हुए मदरसा बोर्ड को बंद करने के आदेश जारी किए थे।
हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। पांच अप्रैल को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर तीस जून तक का समय देते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। मदरसा बोर्ड की मान्यता का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण परीक्षार्थियों के रिजल्ट को लेकर संशय बना हुआ है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक मोहम्मद तारिक ने बताया कि मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी माह में आयोजित हुईं थीं। परीक्षा परिणाम को लेकर बोर्ड की ओर से अभी तक कोई भी निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।