- झांसी में तैयार की जा रही रूपरेखासंवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बसों की तेज रफ्तार पर अब चालक के परिवार की तस्वीर लगाम लगाएगी। सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए शासन स्तर पर परिवहन विभाग के अफसरों ने अहम फैसला लिया है। आंध्र प्रदेश की तर्ज पर बस की स्पीड पर लगाम लगाने के लिए डैशबोर्ड अथवा केबिन में ड्राइवर के परिजनों की तस्वीर लगाई जाएगी। यह तस्वीर चालकों को यह भी याद दिलाएगी कि घर पर आपका कोई इंतजार कर रहा है। अफसरों का मानना है कि तेज रफ्तार में बस चलाते वक्त चालक जब परिजनों की फोटो देखेंगे तो उनमें भावनात्मक परिवर्तन आएगा। झांसी में आदेश को अमल में लाने के लिए रूपरेखा तय की जा रही है।
झांसी से उरई, कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, आगरा, दिल्ली, ललितपुर, प्रयागराज, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, मुरादाबाद सहित विभिन्न शहरों के लिए पांच सौ से अधिक रोडवेज और निजी बसों का संचालन होता है। कई बार बसों की तेज रफ्तार के चलते हादसे होते हैं। इन पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बस चालकों के सामने परिजनों की तस्वीर लगाने का निर्णय लिया है। दरअसल परिवहन विभाग के अफसरों का मानना है कि परिवार की फोटो सामने होने पर ड्राइवर तेज गति से वाहन को नहीं चलाएंगे।
भागीय परिवहन अधिकारी (प्रर्वतन) प्रभात पांडेय ने बताया कि सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए बस के डैशबोर्ड अथवा केबिन में चालक के परिजनों की तस्वीर लगाने के निर्देश मिले हैं। रोडवेज अधिकारियों के साथ ही निजी बस यूनियनों के साथ बैठक कर इसकी रूपरेखा बनाई जाएगी।