झांसी। आपकी बची हुईं दवाएं बर्बाद न जाएं, बल्कि वे किसी जरूरतमंद मरीज के काम आ जाएं, इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन ‘दवा से दुआ’ अभियान शुरू करने जा रहा है। अब इस अभियान का हिस्सा झांसी के जाने-माने डॉक्टर भी बन गए हैं। बुधवार को अमर उजाला कार्यालय में आए चिकित्सकों ने कहा कि किसी भी बीमारी के इलाज में मरीज पर दवा का खर्च भारी पड़ जाता है। इस अभियान के जरिये तमाम मरीजों को राहत मिलेगी।
अभियान के तहत अब आप घर पर रखीं ऐसी दवाएं जरूरतमंदों के लिए दान कर सकते हैं, जो आपके उपयोग में नहीं हैं। ये दवाएं शहर के अलग-अलग मेडिकल स्टोर में ड्रॉप बॉक्स में डालनी होंगी। ये ध्यान रखना होगा कि दवाओं की एक्सपायरी डेट तीन महीने से अधिक हो। जल्द ही लोगों के लिए मेडिकल स्टोरों के नाम जारी किए जाएंगे, जहां उन्हें दवाएं जमा करनी होंगी। फिर अमर उजाला स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सकों के परामर्श के बाद ये दवाएं जरूरतमंदों को नि:शुल्क वितरित करेगा। बुधवार को चिकित्सक भी इस अभियान के सहभागी बन गए। उन्होंने कहा कि उनके पास भी भारी मात्रा में दवाएं कंपनियों की ओर से भेजी जाती हैं। अक्सर ये दवाएं पड़ी रह जाती हैं, जिससे वो बेकार हो जाती हैं। अभियान के दौरान ये दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा मरीजों को भी बची हुई दवाओं को दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस मौके पर डा. रमेश चंद्रा, डा. डा. डीएस गुप्ता, डा. ओमशंकर चौरसिया, डा. प्रतीक शिवहरे, डा. अर्जित गौरव, डा. राजीव जैन, डा. शमी अहमद, डा. शुभदीप व डा. शरद मौजूद रहे।
गांव गोद लेकर करेंगे ग्रामीणों का इलाज
झांसी। चिकित्सकों ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन के ‘दवा से दुआ’ अभियान को और भी आगे ले जाया जाएगा। इसके तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक ग्रामीणों का इलाज करेेंगे। ग्रामीणों को दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इतना ही नहीं, शिविर के बाद भी नियमित रूप से चिकित्सक गांव का विजिट कर मरीजों को देखेंगे। तय हुआ कि ऐसे गांव गोद लिए जाएंगे, जहां चिकित्सीय सेवाओं का अभाव है।