झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की टीम ने तीन घंटे तक चली सर्जरी के बाद आरनॉल्ड केयरी मालफॉर्मेशन बीमारी से ग्रसित रोगी की जान बचा ली। ऑपरेशन के दौरान मरीज के दिमाग के नीचे की हड्डी को काटकर निकाल दिया गया। इससे स्पाइनल कॉर्ड से निकलने वाली नसों पर दबाव पड़ना बंद हो गया।
निवाड़ी की 35 वर्षीय महिला आरनॉल्ड केयरी मालफॉर्मेशन बीमारी से ग्रसित थी। इस बीमारी में दिमाग के नीचे वाली हड्डी स्पाइनल कॉर्ड की तरफ जाती है। उसके और स्पाइनल कॉर्ड की शुरूआत के बीच में जो स्थान होता है उसे फोरन एंड मैगनम कहते हैं। यहीं पर ब्रेन के टॉन्सिल लटक आने के कारण स्पाइनल कॉर्ड से निकलने वाली नस दबने लगती है। इससे व्यक्ति के हाथ-पैरों में कमजोरी आ जाती। बीमारी बढ़ने पर लकवा पड़ने की भी संभावना होती है। सांसें थमने का भी खतरा रहता है। कुछ दिन पहले हाथ-पैरों में कमजोरी की शिकायत लेकर महिला मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में न्यूरो सर्जन को दिखाने आई। डॉक्टरों ने जांच कराने के बाद इस बीमारी की पुष्टि की। साथ ही जल्द ऑपरेशन कराने की सलाह दी। बृहस्पतिवार को न्यूरो सर्जन डॉ. दिनेश राजपूत, डॉ. शिव, डॉ. श्याम और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अंशुल जैन, डॉ. शिवाली और डॉ. बृजेंद्र की टीम ने सर्जरी शुरू की। जिस हिस्से की सर्जरी हो रही थी, उसी के पास दिल व सांस का केंद्र होता है। डॉ. दिनेश राजपूत ने बताया कि महिला के दिमाग के नीचे की हड्डी को सर्जरी कर हटा दिया गया है। अब स्पाइनल कॉर्ड से निकलने वाली नसों पर दबाव पड़ना बंद हो गया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में देरी मरीज के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती थी।