झांसी। पत्रकार को बंधक बनाकर जानलेवा हमला करने वाले डॉक्टर पर शासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। छह साल से अधिक समय से महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में जमे डॉक्टर को जालौन मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित कर दिया गया है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के साथ मारपीट की घटनाएं आम बात हैं। ऐसे ही एक मामले में बीते 23 सितंबर को अमर उजाला के पत्रकार प्रशांत शर्मा के साथ ईएनटी विभाग के डॉ. जितेंद्र यादव ने अपने साथियों के साथ बंधक बनाकर मारपीट की थी। प्रशांत अपने साथी पत्रकार मुकेश साहू को दिखवाने के लिए ईएनटी की ओपीडी में गए थे।
डॉ. जितेंद्र ओपीडी समय के दौरान वहां से नदारद थे। इसकी सूचना जब सीएमएस को दी गई, तो उनके निर्देश पर डॉक्टर तमतमाते हुए ओपीडी में पहुंचे और पत्रकार से उलझ गए। इसके बाद जितेंद्र ने साथी चिकित्सकों के साथ मिलकर पत्रकार को बंधक बनाकर मारपीट की। मामले की सूचना मिलते ही झांसी मीडिया क्लब के दर्जनों पत्रकार मौके पर पहुंच गए थे। इस मामले में पुलिस ने तत्काल डॉक्टरों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लिया था।
जिलाधिकारी अनुराग यादव द्वारा शासन को तत्काल ही रिपोर्ट भेजी गई थी। वहीं, लखनऊ में पत्रकारों द्वारा भी आला अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई गई थी। घटना के तुरंत बाद ही डॉ. जितेंद्र के तबादले की पटकथा तैयार हो गई थी, लेकिन प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) के विदेश में होने के कारण फाइल पर उनके हस्ताक्षर नहीं हो सके थे। उनके लौटते ही प्रमुख सचिव ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए डॉक्टर के जालौन मेडिकल कॉलेज स्थानांतरण पर अपनी मुहर लगा दी। इससे पूर्व मेडिकल प्राचार्य के डा. एन एस सेंगर भी डा. जितेन्द्र को चेतावनी पत्र जारी कर चुके थे।
थम नहीं रही तीमारदारों के साथ मारपीट
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में तीमारदारों के साथ मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले दो दिनों से लगातार यहां तीमारदार पिट रहे हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि मेडिकल कालेज प्रशासन इन घटनाओं को मामूली बता रहा है।
मेडिकल कालेज में गुंडागर्दी जोरों पर है। तीमारदारों से मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे यहां चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हैं। बीते दो दिनों में यहां दो मामले सामने आ चुके हैं। एक मामले में तो महिला तीमारदार ने डॉक्टर पर चाटा मारने का आरोप जड़ा है। बावजूद, संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। और तो और मेडिकल कालेज प्रशासन इन घटनाओं को बेहद मामूली मान रहा है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. हरिश्चंद्र आर्य के अनुसार मारपीट की घटना नहीं हुई थी। डॉक्टर व तीमारदारों के बीच कहासुनी हुई थी।