जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की सूची शासन के पास पहुंच गई है। खुफिया विभाग ने जांच कर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले बीस से ज्यादा डॉक्टरों के नाम उजागर किए हैं। अब शासन कार्रवाई तय करेगा।
झांसी के कई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में संलिप्त हैं। जबकि, सरकार इन इस पर रोक लगा रखी है। डॉक्टर सरकारी अस्पतालों से पसंदीदा नर्सिंगहोमों में मरीज रेफर भी कर रहे हैं। इसका उन्हें कमीशन मिलता हैं। बीते अगस्त में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत के बाद प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ प्रदेश सरकार का रुख और सख्त हो गया। इसके बाद शासन ने खुफिया विभाग से सरकारी डॉक्टरों की 16 बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। खुफिया विभाग ने गहन जांच करने के बाद शासन को डॉक्टरों की सूची सौंप दी है। सूत्रों ने बताया कि पुख्ता सबूतों के साथ प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के बीस से अधिक सरकारी डॉक्टरों के नाम शासन को भेजे गए हैं। अब शासन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
इन बिंदुओं पर मांगी थी रिपोर्ट
1. अस्पताल के डॉक्टरों की उपलब्धता। उनके द्वारा तय अवधि में अस्पताल में बैठने, इमरजेंसी के समय ड्यूटी पर रहने की जानकारी और डॉक्टर, नर्सिंग, टेक्नीशियन स्टाफ की उपलब्धता व कार्यप्रणाली।
2. अस्पताल के कौन डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। डॉक्टर या परिवार के सदस्यों के नाम पर नर्सिंग होम या क्लीनिक तो नहीं है।
3. सामान्य तौर पर डॉक्टरों की कार्यक्षमता/कार्यप्रणाली, अक्षम, मरीजों के साथ व्यवहार का विवरण।
4. अस्पताल में जीवन रक्षक, परीक्षण से संबंधित उपलब्धता व उनकी क्रियाशीलता।
5. पैथालॉजी टेस्ट अस्पताल में ही होते हैं या डॉक्टर बहार से कराते हैं। डॉक्टर किसी विशेष सेंटर पर ही मरीज को तो नहीं भेजते हैं।
6. आईसीयू/सीसी आदि अन्य स्पेशलाइज यूनिट की उपलब्धता और उनकी क्रियाशीलता।
7. ब्लड बैंक की उपलब्धता, क्रियाशीलता व उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी।
8. ओटी की स्थिति और कार्यप्रणाली, अस्पताल व वार्डों की साफ-सफाई की स्थिति, मरीजों को मिलने वाले नि:शुल्क भोजन की गुणवत्ता व उपलब्धता, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और एंबुलेंस की उपलब्धता व क्रियाशीलता।
9. दवाओं की उपलब्धता और वितरण में कोई अनियमितता तो नहीं है।
10. विद्युत, जल व ऑक्सीजन आपूर्ति और अन्य इसी प्रकार की आपूर्ति व उपलब्धता की स्थिति।
11. आकस्मिक महामारी, डेंगू, स्वाइन फ्लू, इंसेफ्लाइटिस के मरीजों की भर्ती व इलाज की व्यवस्था।
12. अहम पदों पर आसीन जैसे प्रिंसिपल, अधीक्षक, डॉक्टरों की सामान्य छवि व उपलब्धता के संबंध में टिप्पणी।
13. अस्पताल के निर्माण, स्टैंड, सामग्री, उपकरणों की आपूर्ति जैसे कार्य में माफिया, गुंडा, अराजक तत्वों की संलिप्तता की स्थिति के संबंध में टिप्पणी।
14. जांच/सूचना संकलन अधिकारी की अस्पताल की स्थिति पर टिप्पणी।
15. अस्पताल की सेवाओं व संबंध में जनता का मत।
16. इसके अतिरिक्त यदि कोई अहम सूचना हो तो उल्लेख करें।