झांसी। देश के कई हिस्सों में बर्ड फ्लू के प्रकोप को देखते हुए शासन ने जिले के सभी पशु चिकित्सकों व कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी है। साथ ही छुट्टियों पर गए कर्मचारियों व पशु चिकित्सकों का अवकाश भी रद्द कर दिया है। निदेशालय ने पक्षियों, पोल्ट्री फार्मों के अलावा दुकानों की निगरानी करने का आदेश भी जारी किया है।
हर साल ठंड के मौसम में विदेशी पक्षी जिले की झील, तालाब, पोखरों पर बसेरा कर लेते हैं। बर्ड फ्लू की सबसे अधिक आशंका विदेशी पक्षियों से ही होती है। देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के दस्तक देते ही हड़कंप मचा हुआ है। जिसके चलते वन विभाग के साथ ही पशुपालन विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट पर है। बर्ड फ्लू को लेकर निदेशालय की ओर से भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। पोल्ट्री फार्म के साथ ही प्रवासी पक्षियों की गहनता से सर्विलांस के निर्देश दिए गए हैं। प्रवासी पक्षियों की निगरानी के लिए वन विभाग द्वारा भी जिले की सातों रेंजों पर सात टीमों का गठन कर निगरानी की जा रही है। किसी भी पक्षी की मौत होने पर वन विभाग द्वारा पशुपालन विभाग को सूचित कर मौत के कारणों की जांच की जा रही है। बर्ड फ्लू के चलते जिले के सभी पशु चिकित्सकों के साथ ही कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है।
इस संबंध में सीवीओ डॉ. वाईके तोमर ने बताया कि निदेशालय से जारी एक्शन प्लान को देखते हुए सभी चिकित्सकों व कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। पोल्ट्री फार्म के साथ ही पक्षियों की निगरानी की जा रही है। वहीं जिला वनाधिकारी वीके मिश्रा ने बताया कि विभाग द्वारा सात टीमों का गठन कर सातों रेंजों की निगरानी की जा रही है। किसी भी पक्षी की मौत होने पर तुरंत ही पशुपालन विभाग को सूचित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।