झांसी। इन दिनों शीतलहर से बढ़ी ठंड तीखा-मीठा और स्वादिष्ट खाने के साथ-साथ घूमने-फिरने के शौकीनों को खूब भा रही है। उनका दिल कर रहा कि इस मौसम का खूब मजा उठाया जाए, लेकिन ये मौसम ऐसे कई शौकीनों को दिल का रोगी भी बना रहा है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में इन दिनों कई ऐसे नए रोगी पहुंच रहे हैं जिनका दिल दगा दे रहा है। उन्हें अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या इससे जुड़ी समस्या पैदा हो रही है। इनमें कई तो काफी कम उम्र के हैं। डॉक्टर इन्हें दवाइयों के साथ ठंड से बचने और दिल का खास ख्याल रखने की सलाह दे रहे हैं।
गलन भरी ठंड लोगों को बीमार कर रही है। अधिकांश लोगों को सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या हो रही, जो घरेलू उपायों और हल्की दवा लेने भर से ठीक हो रही है, लेकिन मामला दिल का हो तो संभल जाना चाहिए। अगर इस मौसम में दिल का ख्याल नहीं रखा तो एक पल में जान भी जा सकती है। डॉक्टर जब ऐसी हिदायत देते हैं तो अक्सर लोग कहते हैं कि हमें तो दिल की कोई बीमारी नहीं है, लेकिन अब संभलना जरूरी है। कड़ाके की ठंड में दिल का खास ख्याल नहीं रखा तो दिल के रोगी हो सकते हैं। वहीं, अगर किसी को ब्लडप्रेशर, डायबिटीज या ओवरवेट की समस्या है तो उन्हें और भी ज्यादा सचेत रहना चाहिए।
मेडिकल कॉलेज के हार्ट स्पेशलिस्ट बता रहे हैं कि ओपीडी में इन दिनों हार्ट व ब्रेन स्ट्रोक संबंधी बीमारी के रोगी बढ़े हैं। इनमें पहले से हार्ट की बीमारी से पीड़ित लोगों के अलावा नए रोगी भी पहुंच रहे हैं। ठंड में सीने में दर्द, ब्लॉकेज और अटैक पड़ने के साथ-साथ ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ रही है। कई केस में इस मौसम में अधिक चीनी, नमक, तला-भुना और काफी स्मोकिंग करने से भी हार्ट संबंधी बीमारी हो रही है। वहीं इस वक्त बुजुर्ग ही नहीं 30 से 45 वर्ष की उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे। दो दिन पहले ही मेडिकल कॉलेज में 30 वर्ष के युवा को भर्ती किया गया है।
उधर, जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में भी सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज बढ़ने के हार्ट में समस्या होने के रोगी पहुंच रहे हैं। इनकी ईसीजी जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर हार्ट स्पेशलिस्ट के पास भेजा जा रहा है।
ठंड से ऐसे बचाव करें
-गलन में तड़के मॉर्निंग वॉक पर न निकलें।
-बिना वजह देर शाम तक ठंड में न रहें, गर्म कपड़े पहनकर रखें।
-पीने व नहाने के लिए गुनगुने पानी का ही उपयोग करें।
-कान, हाथ व पैरों को खुला न छोड़ें, बहुत अधिक स्मोकिंग न करें।
-फैशनेबुल दिखने या मौसम का मजा लेने के चक्कर में ठंड से बचाव करना न भूलें।
-पहले से ब्लडप्रेशर या डायबिटीज आदि की कोई दवा ले रहे हैं तो समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श लें।
-ब्लडप्रेशर, डायबिटीज या ओवरवेट हैं तो तला-भुना, मीठा व नमक बहुत कम लें।
-सीने, हाथ, कंधे, चिन या गर्दन में दर्द रहे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और ईसीजी जांच कराएं।
काफी ज्यादा ठंड के कारण दिल की बीमारी व स्ट्रोक के कई नए रोगी भी इस समय आ रहे हैं। ठंड में लाइफ स्टाइल के साथ-साथ दिल का ख्याल रखना भी बहुत ही जरूरी है। सिर्फ अधिक उम्र के लोगों को ही हार्ट अटैक आ सकता है। ऐसा बिल्कुल न सोचें। मेडिकल कॉलेज में 30 वर्ष के रोगी भी समस्या से पीड़ित होकर भर्ती हो रहे हैं।
डॉ. रजत जैन-हार्ट स्पेशलिस्ट-मेडिकल कॉलेज
जिला अस्पताल की ओपीडी में भी दिल संबंधी बीमारी के रोगी पहुंच रहे हैं। लोगों को सीने, कंधे, हाथ, गर्दन या चिन में दर्द की शिकायत हो रही है। ठंड में इसे नजरदांज बिल्कुल न करें। ब्रेन स्ट्रोक के केस भी बढ़ रहे हैं। ठंड में दिल का खास ख्याल रखना जरूरी है। बचाव बेहद जरूरी है।
डॉ. डीएस गुप्ता-फिजीशियन-जिला अस्पताल