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जब पार्किंग नहीं तो कहां खड़े करें वाहन ?

Wed, 17 Feb 2016 01:15 AM IST
झांसी/ब्यूरो
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झांसी। मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत्त अध्यापिका मधु भूटानी ने पार्किंग न होने के कारण अन्य वाहनों की तरह केनरा बैंक के पास सड़क किनारे अपनी कार पार्क की और बैंक जाने लगीं। इसी बीच यातायात पुलिस ने उनकी कार उठा ली। बाद में 500 रुपया जुर्माने लेकर कार को छोड़ दिया गया।  
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यह कोई अकेले मधु की परेशानी नहीं है। यह आए दिन की समस्या है। लेकिन, कोई यह बताने को तैयार नहीं कि लोग वाहनों को कहां खड़ा करें। शहर में पार्किंग स्थल हैं ही नहीं। मजबूरन लोगों को सड़कों के किनारे ही अपने दुपहिया व चौपहिया वाहन खड़ करने पड़ते हैं, जहां यातायात पुलिस की मनमानी कार्रवाई चल रही है।

दरअसल, पार्किंग की समस्या वर्षों से चल रही है। नगर में बाजार हैं, रेस्टोरेंट हैं, बड़े-बड़े शो रूम हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। बाजारों में भी यही हाल है। पार्किंग न होने के कारण लोगों को मजबूरी में अपने वाहन दुकानों के सामने खड़े करने पड़ते हैं। इन वाहनों को ट्रैफिक पुलिस की सरकारी क्रेन उठा ले जा रही है।
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वाहनों को निश्चित जुर्माना अदा करने के बाद छोड़ा जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि फलां वाहन गैर पार्किंग स्थल में खड़ा था, जिससे यातायात बाधित हो रहा था, अत: उसे उठा लिया गया, ताकि यातायात सुचारु हो सके।  

अब ऐसे में यह कोई बताने तैयार नहीं कि आखिर लोग अपने वाहनों को कहां खड़े करें। इसका जवाब न तो यातायात विभाग के पास है और न ही नगर निगम के पास। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश कहते हैं कि प्रत्येक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के  नक्शे का ले-आउट जेडीए से पास होता है। प्रत्येक भवन निर्माण के नक्शे में पार्किंग स्थल भी दर्शाया जाता है।

इसके बावजूद अधिकांश भवनों में पार्किंग नहीं है। मजबूरी वश वाहन सड़क पर खड़े किए जाते हैं। कई बार इस बारे में शासन स्तर पर बातचीत हुई, मगर पार्किंग स्थल निर्धारित नहीं हो सके। वह स्वीकाराते हैं कि इसका खामियाजा वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पार्किंग के लिए कुछ स्थान चिह्नित किए गए हैं। जल्द ही शासन स्तर पर निर्णय लेकर इन्हें अमली जामा पहनाया जाएगा।

उधर, यातायात उप निरीक्षक सुभाष यादव कहते हैं कि नगर निगम व जेडीए को वाहन पार्किंग स्थल बनाने के लिए कई बार पत्र लिखे गए, मगर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उन्हीं वाहनों को क्रेन द्वारा उठाया जाता है, जो सड़क किनारे बनी पट्टी पर अथवा सड़क पर खड़े होते हैं। ताकि यातायात सुचारु रहे। उन वाहनों को पुलिस कभी नहीं उठाती जो सड़क से हटकर खड़े होते हैं।

विभागों की उदासीनता व आपसी सामंजस्य के अभाव का खामियाजा जनता भुगत रही है। हर कोई चाहता है कि उसका वाहन सुरक्षित तरीके से पार्किंग स्थल में खड़ा हो, मगर पार्किंग देने के नाम पर सरकारी महकमे कतरा रहे हैं।

यह होता है जुर्माना
टीएसआई के अनुसार सड़क से उठाई गई दो पहिया गाड़ी पर तीन सौ रुपये और चार पहिया व तिपहिया वाहनों पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। जनवरी 2016 व फरवरी में अभी तक तीनों प्रकृति के कुल 70 वाहन अवैध पार्किंग के आरोप में उठाए गए हैं।
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यातायात पुलिस ने इनके स्वामियों से कुल 35100 रुपये का जुर्माना भी वसूला है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या दो पहिया वाहनों की है।
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