मंडलायुक्त अमित गुप्ता मंगलवार को अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए और वहां गड़बड़ियां पकड़ीं। वहां ज्यादातर मरीजों ने बताया कि उन्हें बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। इस पर मंडलायुक्त ने डाक्टरों की खिंचाई की और बाद मेें दूध और ब्रेड के सैंपल उठवाए। इनकी जांच के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान हड़कंप मचा रहा।
मंगलवार की सुबह 9.30 बजे मंडलायुक्त जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। भंडार गृह में दवाओं के आपूर्ति रजिस्टर की जांच की, जो अपडेट नहीं था। इस पर नाराजी व्यक्त की। अलमारियां खुलवाकर दवाओं की उपलब्धता देखी और कहा कि एक्सपायरी दवाओं को स्टोर से हटा दें। भ्रमण के दौरान उन्होंने मरीजों से बात की। मोंठ निवासी राजकुमारी ने बताया कि चिकित्सक देखने नहीं आते हैं। सीएमएस डा. वीके गुप्ता ने डा. एसपी राजपूत को जांच करने को कहा। पोस्ट आपरेटिव वार्ड के निरीक्षण के दौरान उरई के विनोद तिवारी से आपरेशन का पैसा लेने के बारे में पूछा। उसने बताया कि कोई पैसा नहीं लिया गया।
नई बस्ती निवासी मरीज लक्ष्मीनारायण तिवारी से दवाएं मिलने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि बाहर की दवाएं लिखी जा रहीं हैं। महिला वार्ड में आरी ईसागढ़ निवासी सुमित्रा पाल ने भी बाहर से दवाएं लिखने की शिकायत की। रानीमहल निवासी गायत्री देवी ने भी बताया कि डाक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजी व्यक्त की। उन्होंने चिकित्सकों को फटकार लगाई कि अस्पताल में दवाएं होने के बाद भी बाहर की दवाएं लिखीं तो कार्रवाई होगी। इस मौके पर डा. आर के सक्सेना समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
सुधर जाओ, वरना कार्रवाई होगी
मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने डा. डीएस गुप्ता और डा. एसएन कंचन को कमरे में बुलाकर चेतावनी दी कि बाहर की दवाएं मत लिखो। आदत में सुधार लाओ, वरना कार्रवाई की जाएगी।