झांसी। बुंदेलखंड में बिजली को लेकर अफसर शासन से बड़ा झूठ बोल रहे हैं। वे शहर में 22 घंटे, तहसील में 19 घंटे व ग्रामीण इलाकों में 17 घंटे बिजली देने का दावा कर रहे हैं। जबकि हकीकत में शहर में बमुश्किल 16 घंटे, तहसील में 12 घंटे और ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 10 घंटे बिजली दी जा रही है। रात में अगर फाल्ट आ जाए तो उसे सुबह ही सुधारा जा रहा है। बिजली को लेकर मचे हाहाकार के बीच लोगों के लिए भीषण गर्मी में पल- पल काटना मुश्किल हो रहा है।
भीषण गर्मी में बिजली विभाग का 24 घंटे आपूर्ति देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। शासन की नजर में गुड वर्क बना रहा, इसके लिए कागजों में भरपूर बिजली दिखाई जा रही है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो 13 जून को झांसी जनपद के ग्रामीण में 18.16 घंटे, तहसील में 19.50 घंटे, शहर में 23.10 घंटे व 14 जून को ग्रामीण में 16.56 घंटे और शहर में 22.12 घंटे बिजली दी गई। एक जून से इसी तरह की औसत बिजली की रिपोर्ट शासन के पास भेजी जा रही है। ललितपुर और जालौन जनपद में भी इसी तरह बिजली देने का दावा किया जा रहा है। जबकि हालत बिलकुल उलट हैं। पिछले दो सप्ताह से बुंदेलखंड के सभी जनपदों में बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। चाहे ट्रांसमिशन पावर हाउस अथवा सबस्टेशन सभी जगह से अलग- अलग वक्त कटौती की जा रही है। रात में फाल्ट नहीं सुधारे जाते हैं, ऐसे में लोगों को पूरी रात अंधेरे में काटनी पड़ रही है।
पांच सबस्टेशनों के सबसे बुरे हालत
गल्लामंडी, न्यू गल्लामंडी, सूतीमिल, पंचवटी उनाव गेट और सीपरी बाजार सबस्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कटौती की जा रही है। सोमवार को उक्त सबस्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों अलग- अलग वक्त सात से आठ घंटे तक की कटौती की गई। इससे लोग बेहाल रहे। इन सबस्टेशनों से अयोध्यापुरी, महेंद्र पुरी कॉलोनी, ग्वालियर रोड क्रासिंग, थापक बाग, कांशीराम कॉलोनी, अंबावाय, पाल कॉलोनी, जर्मनी, रायगंज, टंडन रोड, मसीहागंज, साहनी कॉलोनी, आईटीआई सिद्देश्वर नगर, नालगंज, चित्रा चौराहा, मैला की टौरिया, ग्वालटोली, गोलकुआं, गुदरी, बड़ा बाजार, लक्ष्मी गेट, सागर गेट, बंगलाघाट, पारेश्वर, अंदर बड़ागांव गेट, तिलयानी बजरिया, बकरा मंडी, ओरछा गेट, कसाई मंडी, कपूर टेकरी, तालपुरा, खुशीपुरा, बस स्टैंड, ओमशांति नगर, कैलाश रेजीडेंसी, अजय इनक्लेव, बैंकर्स कॉलोनी आदि क्षेत्र जुड़े हैं।
- भीषण गर्मी में ट्रांसमिशन सबस्टेशनों की मशीनों को सुरक्षित रखना चुनौती रहता है। बीच- बीच में मेंटेनेंस काम कराने पड़ते हैं। इस कारण कटौती करनी पड़ रही है। जो भी फाल्ट हो रहे हैं, उनको जल्द से जल्द ठीक करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
मनोज कुमार पाठक, मुख्य अभियंता (वितरण)।