- हर सप्ताह 70 से 80 मरीजों की हो रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। फेफड़ों की बीमारी और उनमें ऑक्सीजन जमा कर फिर बाहर निकालने में लगने वाली ताकत मापने के लिए जिला अस्पताल में स्पाइरोमेट्री जांच शुरू की गई है। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है। यहां हर सप्ताह 70 से 80 मरीजों की जांच की जा रही है।
अस्थमा, पुरानी टीबी या अन्य दूसरे कारणों के चलते लोगों के फेफड़ों की ताकत कम हो रही है। यह बात जिला अस्पताल में की जा रही स्पाइरोमेट्री जांच में सामने आई है। यहां आने वाले मरीजों में से लगभग 30 मरीज ऐसे मिल रहे हैं, जिनके फेफड़ों की ताकत कम हो गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि जांच के लिए बीड़ी, सिगरेट, पुरानी टीबी, पत्थर की खान में काम करने वाले मरीज ही सबसे अधिक आ रहे हैं। इन्हें सांस फूलने, सीने में जकड़न, लगातार खांसी आने, बहुत अधिक बलगम निकलने, थकान महसूस करने, बार-बार सर्दी या फ्लू होने की शिकायत है। मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार कटियार ने बताया कि जांच नि:शुल्क की जा रही है।
इसलिए होता है स्पाइरोमेट्री टेस्ट
स्पाइरोमेट्री जांच में यह पता लगाया जाता है कि मरीज कितनी ऑक्सीजन फेफड़ों में भर सकता है और कितनी हवा बाहर निकाल सकता है। इसके अलावा यह भी देखा जाता है कि मरीज कितनी तेजी से हवा बाहर फूंक सकता है। जांच के दौरान मरीज को एक मशीन से जुड़े पाइप में फूंक मारने को कहा जाता है। इससे पहले पूरी ताकत के साथ मरीज फेफड़ों में हवा भरता है, फिर तब तक फूंक मारता है जब तक उसे ऐसा करने में परेशानी महसूस नहीं होती।